भारत की आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक, सोमनाथ मंदिर के इतिहास में आज का दिन एक खास मोड़ लेकर आया है. गुरुवार से शुरू हो रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (Somnath Swabhimaan Parv)’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं. पीएम मोदी ने न केवल इस मंदिर के गौरवशाली इतिहास को याद किया, बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक एकता और कभी न टूटने वाले संकल्प की कहानी बताया.
1026 का काला अध्याय
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी पोस्ट में इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि ठीक एक हजार साल पहले, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपनी पहचान पर पहला बड़ा हमला झेला था.
मैं 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी आपसे साझा कर रहा हूं। यह वो साल था, जब हमने 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया था। 1951 में वो ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की… pic.twitter.com/pA8ob5jgE5
— Narendra Modi (@narendramodi) January 8, 2026
उन्होंने लिखा कि साल 1026 का वो आक्रमण और उसके बाद की सदियों में हुए अनगिनत हमले भी हमारी आस्था को डगमगा नहीं सके. बल्कि, हर हमले के बाद भारत की सांस्कृतिक एकता और भी मजबूत होकर उभरी और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार हुआ. यह मंदिर इस बात का गवाह है कि सत्य और आस्था को मिटाया नहीं जा सकता.
अटल-आडवाणी के दौर की पुरानी यादें
प्रधानमंत्री ने इस खास मौके पर अपनी पुरानी यात्राओं की कुछ यादगार तस्वीरें भी साझा कीं. इसमें उन्होंने विशेष रूप से 31 अक्टूबर 2001 के उस कार्यक्रम का जिक्र किया, जब 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के 50 साल पूरे हुए थे. उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी सोमनाथ में मौजूद थे. पीएम ने याद दिलाया कि कैसे सरदार वल्लभभाई पटेल और के.एम. मुंशी जैसे महापुरुषों के अथक प्रयासों से सोमनाथ को अपना खोया हुआ वैभव वापस मिला था.
2026: एक भव्य उत्सव की आहट
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि साल 2026 हमारे लिए बेहद खास होने वाला है. इस साल हम 1951 में हुए उस भव्य समारोह के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, जिसका उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था.
एक भावुक अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने देश की जनता से कहा कि अगर उन्होंने कभी सोमनाथ की यात्रा की है, तो वे अपनी तस्वीरें और यादें ‘#SomnathSwabhimaanParv’ के साथ जरूर शेयर करें. उन्होंने कहा कि यह पर्व उन अनगिनत वीरों को नमन करने का है, जिन्होंने कठिन से कठिन समय में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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