प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था में आ रही तेजी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि देश की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” अब और भी तेज गति से आगे बढ़ रही है. प्रधानमंत्री ने इस सफलता का श्रेय एनडीए सरकार की निवेश समर्थक नीतियों और बाजार में बढ़ती मांग को दिया है.
मांग-आधारित नीतिया बनी वजह
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी में 8.0 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है. पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा, “यह एनडीए सरकार के व्यापक निवेश प्रोत्साहन और मांग-आधारित नीतियों की वजह से संभव हुआ है.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, विनिर्माण प्रोत्साहन हो, डिजिटल सार्वजनिक सेवाएं हों या ‘व्यापार करने में आसानी’, हम एक समृद्ध भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं.”
स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि
सेवा क्षेत्र में हुई तेजी को मुख्य प्रेरक कारक बताया गया है. इसमें वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं और सार्वजनिक प्रशासन शामिल हैं, और वित्त वर्ष 2025-26 में इन क्षेत्रों में स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है.
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि व्यापार, होटल, परिवहन और संचार एवं प्रसारण सेवाओं में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है. द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण और निर्माण में 7 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
PFC में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान
वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसी) में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जो बजट में घोषित आयकर छूट और वस्तुओं तथा सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती का परिणाम बताया गया है.
वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर कीमतों पर सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.1 प्रतिशत थी.
नवंबर में जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी.
ये भी पढ़ें: दिल्ली में चंद्रबाबू: अमरावती के लिए संसद में बिल और ‘जी-राम-जी’ योजना पर मांगी बड़ी राहत
-भारत एक्सप्रेस
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

