अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स यानी टैरिफ को कम करने का फैसला लिया गया है. इस बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सोशल मीडिया पोस्ट काफी चर्चा में है. पीएम मोदी ने इस पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर तो टैरिफ डील का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका कहना साफ है कि अगर मन में आत्मविश्वास और व्यवहार में संयम हो, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
क्या था पीएम मोदी का वह संदेश?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (X) पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके दम पर दुनिया का हर काम संभव है. उन्होंने एक संस्कृत श्लोक का भी जिक्र किया,
श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥
आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।
श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ pic.twitter.com/FcQqHbSvI9
— Narendra Modi (@narendramodi) February 3, 2026
यानी कि समृद्धि मेहनत, चतुरता और सबसे जरूरी ‘संयम’ से ही ठहरती है. गौर करने वाली बात यह है कि जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भारी टैक्स थोपा था और दबाव बनाने की कोशिश की थी, तब भारत ने आक्रामक होने के बजाय धैर्य से काम लिया. पीएम मोदी ने देशवासियों को यह समझाया है कि विकसित भारत के सपने को सच करने के लिए हमें इसी शक्ति की जरूरत है.
टैरिफ की उलझी गुत्थी और ट्रंप का फैसला
बता दे कि कुछ समय पहले तक स्थिति यह थी कि अमेरिका ने टैरिफ को 50 प्रतिशत तक ले जाने की चेतावनी दी थी. इससे भारत के कई बड़े व्यापारिक सेक्टर संकट में दिख रहे थे. लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच फोन पर हुई लंबी बातचीत ने पासा पलट दिया. अब वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले इस शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हो गया है. यह ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है.
व्यापार का नया संतुलन
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताते हुए इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दो बड़े लोकतंत्र हाथ मिलाते हैं, तो उसका फायदा आम जनता को मिलता है. दूसरी ओर, ट्रंप ने भी इस बातचीत के बाद भरोसा जताया कि भारत भी अमेरिकी उत्पादों के रास्ते में आने वाली व्यापारिक बाधाओं को कम करने की दिशा में काम करेगा. यह समझौता केवल टैक्स कम होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल मार्केट में भारत की मजबूती का संकेत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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