केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू.
रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण मामलों के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सिखों को बदनाम करने और परोक्ष रूप से उन्हें आतंकवादी के रूप में पेश करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है. यह बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें राहुल गांधी ने पुणे की एक अदालत में अपने वकील के माध्यम से दाखिल हलफनामे में बिट्टू का नाम लिया है और कहा है कि उन्हें (गांधी को) उनसे जान का खतरा है.
इस घटनाक्रम को ‘चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए बिट्टू ने कहा कि यह आरोप राहुल गांधी की मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी के हलफनामे में यह संकेत है कि उन्हें एक पगड़ीधारी व्यक्ति से डर है. यह सिख पहचान को एक सूक्ष्म लेकिन खतरनाक तरीके से निशाना बनाना है.’
विपक्षी आरोपों को किया खारिज
केंद्रीय मंत्री बिट्टू, जो शहीद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह के पोते हैं, ने सवाल उठाया कि आखिर वो राहुल गांधी के लिए कैसे खतरा बन सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस में 15 साल सेवा की है, सांसद और अब केंद्रीय मंत्री के रूप में संसद में राहुल गांधी के साथ बैठा हूं.’
बिट्टू ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा उन्हें और एक अन्य सिख नेता मरवाहा को नामित करना किसी गहरी मानसिकता का संकेत देता है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी की सिख समुदाय के प्रति उपेक्षा और दुर्भावना लंबे समय से रही है. कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सिखों के साथ विश्वासघात किया है. 1984 में स्वर्ण मंदिर में हुआ ऑपरेशन ब्लूस्टार इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण है.’
बिट्टू ने अंत में कहा कि हलफनामे में उनका नाम लेना न केवल उनके खिलाफ झूठा प्रचार है, बल्कि यह सिख समुदाय को भी अपमानित करने का एक खतरनाक संकेत है.
भारत एक्सप्रेस
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