Bharat Express DD Free Dish

सायोनी-माला पर चला ममता का चला चाबुक! चाय में पड़ी मक्खी की तरह कर दिया साइड

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों की बगावत के बाद ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है. बागी गुट में शामिल होने के शक में सांसद सायोनी घोष को युवा मोर्चा और माला रॉय को महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है.

TMC Crisis Mamata Banerjee Removes Saayoni Ghosh and Mala Roy from their posts

AI GENERATED IMAGE

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर मचे घमासान और सांसदों की बगावत के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन में बहुत बड़ा फेरबदल कर दिया है. पार्टी पर अपनी ढीली होती पकड़ को मजबूत करने के लिए ममता ने कड़ा रुख अपनाते हुए जादवपुर से सांसद सायोनी घोष को टीएमसी युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया है. वहीं, कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय की भी महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है.

सायोनी और माला रॉय पर गिरी गाज

लोकसभा चुनाव के दौरान अपने गानों और भाषणों से सुर्खियां बटोरने वाली सायोनी घोष को महज एक हफ्ते पहले ही युवा मोर्चा की कमान सौंपी गई थी, लेकिन अब उनकी जगह अर्णब बनर्जी को नया युवा अध्यक्ष बनाया गया है. दूसरी तरफ, महिला मोर्चा में माला रॉय की जगह नाडिया जिले की कालीगंज सीट से विधायक आलिफा अहमद को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

सूत्रों का दावा है कि सायोनी घोष और माला रॉय दोनों के तार पार्टी के भीतर पनप रहे बागी गुट से जुड़ गए हैं, जिसके चलते ममता बनर्जी ने यह दंडात्मक कदम उठाया है.

सोमवार को दिल्ली में बड़ा धमाका संभव

टीएमसी के भीतर का ये संकट कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद बागी गुट में शामिल बताए जा रहे हैं. वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय भी अब इसी खेमे में हैं. चर्चा है कि यह बागी गुट सोमवार को दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मिलकर खुद को ‘वास्तविक टीएमसी’ घोषित करने का दावा ठोक सकता है.

बागी गुट की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने तो यहां तक साफ कर दिया है कि जैसे ही उनके गुट को असली टीएमसी की मान्यता मिलेगी, वे संसद में बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए (NDA) सरकार को अपना समर्थन दे देंगे.

भतीजे अभिषेक की कुर्सी सुरक्षित

विधायकों और सांसदों की इस खुली बगावत के बाद ममता बनर्जी ने 5 जून को ही पुरानी सभी कमेटियों को भंग कर नया ढांचा तैयार किया था. इस नए बदलाव में उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा है. वहीं, उत्तर कोलकाता संगठन की कमान सुदीप बंदोपाध्याय से छीनकर कुणाल घोष को सौंप दी गई है. पार्टी के इस संकट पर एक राज्यसभा सांसद ने तंज कसते हुए कहा, ‘ममता दीदी ने जिन्हें दूध-शहद पिलाया, आज वही उनके लिए सांप बन गए हैं.’

ये भी पढ़ें: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, मणिकर्णिका घाट पर रो पड़े दोनों बेटे

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read