Women Reservation Bill India (AI IMAGE)
Women Reservation Bill India: आज भारतीय संसद में आज महिला आरक्षण संसोधन बिल पर चर्चा हो रही है. पीएम मोदी ने इस बिल को भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण पल करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस बिल से संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी. इस बिल में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 815 किये जाने का प्रस्ताव है. जिसमें 272 सीटें यानी लगभग एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
आपको यह देखने में काफी आश्चर्यजनक लग रहा होगा कि सदन में गिनती की दिखने वाली महिला सांसदों की संख्या में इतनी बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन आपको बता दें कि दुनिया में कई ऐसे भी देश हैं जहां के संसद में 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी है. इन देशों के मुकाबले भारत में महिला सांसदों की संख्या बेहद कम ही मानी जाएगी.
किस देश की संसद में महिलाओं की है ज्यादा संख्या?
पूरी दुनिया में महिलाओं को संसद में भागीदारी देने के मामले में रवांडा अव्वल है. रवांडा के सदन में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा होने का कारण उनको दिया जाने वाला रिजर्वेशन है. Statista की रिपोर्ट के मुताबिक रवांडा की संसद में महिलाओं को 63.8% रिजर्वेशन दिया गया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर ट्रंप की आंखों में कांटे की तरह चुभने वाला क्यूबा है. क्यूबन संसद में महिलाओं की भागीदारी 55.7 प्रतिशत है. जो इसे इस लिस्ट में दूसरा स्थान दिलाता है.
रवांडा और क्यूबा के बाद निकारागुआ भी अपने देश में महिलाओं को सदन में जबरदस्त भागीदारी दी है. यहां महिलाओं की भागीदारी 51.7 प्रतिशत है.
50 प्रतिशत भागीदारी देने वाले देश
कई ऐसे भी देश हैं जिन्होंने सदन में महिला और पुरुषों को बराबर भागीदारी दी है. इन देशों में अंडोरा, मेक्सिको और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. इन सभी देशों ने अपनी सदन में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की है.
इसके अलावा न्यूजीलैंड-49.2 प्रतिशत, आइसलैंड-47.6 प्रतिशत, स्वीडन 46.7 प्रतिशत और दक्षिण अफ्रीका 45.8 प्रतिशत के साथ दुनिया में अपनी अलग पहचान रखते हैं.
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सदन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने की मांग लंबे समय से होती रही है. इसके नहीं होने से सदन में बहुत ही कम संख्या में महिला सांसद चुनकर जाती हैं, जिससे ना सिर्फ उनका मनोबल कमजोर होता है, बल्कि इससे इस आधी आबादी को उनकी क्षमता के अनुसार काम करने का अवसर भी नहीं मिलता. आने वाले समय में भारत में महिला सांसदों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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