पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े एक मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की अपराध जांच शाखा (CID) ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है. उन्हें 14 जून को सीआईडी मुख्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया गया हैं.
इससे पहले 11 जून को भी उनसे इस मामले में लंबी पूछताछ हुई थी, जो करीब पांच घंटे से ज्यादा चली थी. हालांकि जांच एजेंसी उनके जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखी, जिसके बाद उन्हें एक बार फिर पेश होने के लिए कहा गया है.
अदालत के आदेश के बाद पहुंचे थे कोलकाता
इस पूरे मामले में 11 जून का दिन काफी अहम रहा था. कलकत्ता हाई कोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ ने उस दिन अभिषेक बनर्जी को शाम छह बजे तक सीआईडी मुख्यालय में पहुंचकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था. अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि इससे पहले उन्हें तीन बार समन भेजा जा चुका था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे.
अदालत के आदेश के समय अभिषेक बनर्जी नई दिल्ली में मौजूद थे. आदेश मिलते ही उन्होंने कोलकाता लौटने का फैसला किया और तय समय से कुछ ही मिनट पहले, यानी शाम 5:55 बजे दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में सीआईडी मुख्यालय पहुंच गए. वहां उन्होंने औपचारिकताएं पूरी कीं और आगंतुक रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद सीधे पूछताछ के लिए अंदर चले गए. उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की.
कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
इस मामले में अदालत ने उन्हें फिलहाल बड़ी राहत दी है. हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि 21 दिनों तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की गिरफ्तारी या दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा. जरूरत पड़ने पर सीआईडी को तलाशी और छापेमारी जैसी कार्रवाई की भी अनुमति दी गई है.
ये भी पढ़ें: आगरा में ताजमहल जैसी भव्य इमारत: ये सफेद संगमरमर से बरसों में हुई तैयार, अद्भुत पच्चीकारी देखकर रह जाएंगे दंग
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



