बिहार में होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख आज (सोमवार) है. सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.
इस बीच सत्ताधारी गठबंधन एनडीए ने अपने पत्ते खोलते हुए 10 में से 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. माना जा रहा है कि बाकी सीट को लेकर भी जल्द ही फैसला सामने आ सकता है. गठबंधन में शामिल दलों ने आपसी सहमति के साथ नाम तय किए हैं ताकि चुनावी मुकाबले में कोई अंदरूनी खींचतान न दिखे.
इधर, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है. खबरों के मुताबिक पार्टी ने सुनील सिंह को एक बार फिर विधान परिषद भेजने की मंजूरी दे दी है. हालांकि इस फैसले को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
रोहिणी आचार्या का सोशल मीडिया पर विरोध
इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या के बयान को लेकर हो रही है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए हैं.
रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में लिखा कि पार्टी की शुरुआत से जुड़े कई पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं, खासकर समाज के विभिन्न वर्गों—यादव, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले नेताओं को अक्सर नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने इसे पार्टी के लिए चिंता का विषय बताया और कहा कि इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है.
अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों पर वे गंभीर आरोप लगाते हुए असंतोष और विवाद से जुड़ी बातें कर रही हैं, उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला कैसे लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे फैसलों से पार्टी के भीतर नाराजगी और अविश्वास की भावना बढ़ सकती है, जिसका असर पहले भी चुनावी नतीजों में देखने को मिला है.
-भारत एक्सप्रेस
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