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बांग्लादेश बॉर्डर पर ईडी की बड़ी कार्रवाई; काले धन को सफेद करने का अंतरराष्ट्रीय खेल, दिल्ली से म्यांमार का मास्टरमाइंड गिरफ्ता

भारत में ड्रग्स की तस्करी कर कमाए गए ₹142 करोड़ से अधिक के काले धन को म्यांमार भेजने के मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. मिजोरम-म्यांमार और त्रिपुरा-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई है.

ED Raids India Myanmar Bangladesh Borders In 142 Crore Drug Money Laundering Case
Edited by Vaibhav Gupta

भारत में नशे का कारोबार करके म्यांमार के बैंक में पैसे भेजने के मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार ठिकानों पर छापेमारी की है. ईडी की यह कार्रवाई मिजोरम म्यांमार सीमा, त्रिपुरा-बांग्लादेश सीमा तथा पश्चिम बंगाल में चल रही हैं.

दिल्ली से जुड़े तार

जांच एजेंसी ईडी ने एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत यह कार्रवाई कर रही है. इसके तार दिल्ली से जुड़ा हुआ है. दिल्ली से एक आरोपी को पिछले कुछ दिनों पहले जांच एजेंसी NCB यानी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था.

जांच एजेंसी के मुताबिक शैल कंपनियों के माध्यम से विदेश पैसा भेजा जाता था. ईडी जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के संकेत मिले थे. यह मामला 21 अगस्त 2025 को त्रिपुरा में 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइल और 40 ग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़ा है.

कैसे चलता था ये नेटवर्क?

इस जांच में आया है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क है, जो म्यांमार से मिजोरम के चम्फाई/जोखावथार क्षेत्र के रास्ते मेथामफेटामाइल मंगाकर त्रिपुरा में अपने नेटवर्क तक पहुंचाता था. जांच एजेंसी के मुताबिक त्रिपुरा में जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, वे बांग्लादेश सीमा से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित हैं, जबकि मिजोरम में तलाशी के स्थान म्यांमार सीमा से लगभग 500 मीटर दूर है.

जांच में यह पता चला है कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन को कई बैंक खातों और कथित शेल कंपनियों के माध्यम से घुमाकर वैध दिखाने का प्रयास किया गया. अब तक कि जांच में 142 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध आय का पता लगाया जा चुका है. ईडी इस पूरे नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और धन के प्रवाह की विस्तृत जांच कर रही है.

तस्करी नहीं, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट

इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था. बाद कि जांच में सामने आया कि ये कोई सामान्य तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा था. ईडी की जांच के केंद्र में मौजूद नेटवर्क का मुख्य सप्लायर म्यांमार निवासी चिन्टूआंग उर्फ तलुआंगा बताया जा रहा है. उसे हाल ही में एनसीबी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था.

जांच एजेंसी के अनुसार म्यांमार से भारत मे मेथामफेटामाइल की आपूर्ति का प्रमुख संचालक था और उसके जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था. ईडी ने जिन लोगों और संस्थानों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली, उनमें त्रिपुरा के अनोवार हुसैन उर्फ सुमन मिया और जासिया मिया शामिल हैं. जिन्हें कथित तौर पर ड्रग्स की खेप प्राप्त करने वाला बताया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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