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सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपनी संपत्ति का ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट पर किया अपलोड

सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों ने अपनी संपत्ति का विवरण वेबसाइट पर सार्वजनिक कर ऐतिहासिक पहल की है. सीजेआई संजीव खन्ना के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

Supreme Court
Edited by Akansha

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपनी संपत्ति का ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट पर अपलोड किया है. 22 जजों की संपत्ति का ब्यौरा अपलोड किया गया है. सीजेआई संजीव खन्ना सहित अन्य जजों की संपत्ति का ब्यौरा अपलोड किया गया है. जिन जजों की संपत्ति का ब्यौरा वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, उनमें तीन जज ऐसे है जो आने वाले समय में मुख्य न्यायाधीश बनेंगे. अन्य जजों की संपत्ति का ब्यौरा की वेबसाइट पर जल्द अपलोड किया जाएगा.

संजीव खन्ना की अगुवाई में कोर्ट ने लिया फैसला

दरअसल सीजेआई संजीव खन्ना की अगुवाई में कोर्ट ने ये फैसला जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास से कथित कैश की बरामदगी की घटना के बाद लिया था. सीजेआई संजीव खन्ना 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे है और 14 मई को जस्टिस बीआर गवई देश के 52वें सीजेआई के पद पर शपथ लेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया को भी अपलोड किया है.

सीजेआई संजीव खन्ना के पास है कई फ्लैट

सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट के मुताबिक सीजेआई संजीव खन्ना के पास कई फ्लैट है. दक्षिण दिल्ली में तीन डीडीए फ्लैट है, इसके अलावा दो पार्किंग स्थलों के साथ चार बेडरूम वाला फ्लैट है, जिसका सुपर एरिया 2446 वर्ग फीट है. साथ ही 52 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सिसपाल विहार सेक्टर 49 गुरुग्राम में चार बेडरूम वाला फ्लैट है, जिसका सुपर एरिया 2016 वर्ग फीट है.

देव राज खन्ना को विरासत में मिले सोना और चांदी

साथ ही हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में जमीन में अविभाजित हिस्से के साथ घर के आंशिक मालिक देव राज खन्ना में हिस्सा है. एफ. डी. आर और बैंक खाते में लगभग 55 लाख 75 हजार, पीपीएफ लगभग एक करोड़ 6 लाख 86 हजार, जीपीएफ में एक करोड़ 77 लाख 89 हजार, एलआईसी, मनी बैंक पॉलिसी वार्षिक 29, 625 रुपये, शेयर में 14 हजार, सोना-250 ग्राम, चांदी 2 किलोग्राम है.सोना और चांदी ज्यादातर विरासत और गिफ्ट में मिले है. साथ ही एक 2015 मॉडल की स्विफ्ट मारुति कार है.

पत्नी के पास है कई हीरे और अंगूठियां

इनके एफडीआर और बैंक खाते 55 लाख 65हजार रुपए हैं. इनकी पत्नी के पास 700 ग्राम सोना, 5 किलोग्राम चांदी, कुछ हीरे की अंगूठियां, पेंडेंट और झुमके हैं. साथ ही कुछ मोती और माणिक की लड़ियां भी हैं. इनमें से ज्यादातर चीजें विरासत में मिली हैं या फिर किसी खास मौके पर गुफ्त में दी गई है.

सीजेआई बीआर गवई के पास दिल्ली में है कई फ्लैट

जबकि अगले सीजेआई बीआर गवई के पास महाराष्ट्र और नई दिल्ली में कई फ्लैट हैं. इसके अलावा लाखों रुपए बैंक में है. गवई के पास महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर, दो कृषि भूमि है. मुंबई के बांद्रा में एक अपार्टमेंट, नागपुर के कटोल में कृषि भूमि और नई दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में एक अपार्टमेंट है. जबकि पीपीएफ के तहत 6 लाख 59 हजार 692 रुपये, जीपीएफ के तहत 35 लाख 86 हजार 736 रुपये, अन्य 31 हजार 315 रुपये हैं.

सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की हुई थी बैठक

बता दें कि हाल ही में सभी न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करने का फैसला लिया है. सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की 1 अप्रैल को यह बैठक हुई थी. जिसमें सभी 34 जजों बैठक में शामिल हुए थे, उन्होंने सीजेआई की अध्यक्षता में हुई बैठक में अपनी संपत्ति को घोषणा करने का यह फैसला लिया है. सभी न्यायधीशों ने यह घोषणा की है कि सीजेआई के सामने अपनी संपत्ति की घोषणा करेंगे. हालांकि इसे कोर्ट की वेबसाइट पर घोषित करने का फैसला स्वैच्छिक होगा.

सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की संख्या निर्धारित

सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की संख्या निर्धारित है. इससे पहले 26 अगस्त 2009 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जजों ने अपनी संपत्ति की घोषणा की थी. लेकिन अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है. 7 मई 1997 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे एस वर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक में प्रस्ताव अपनाया. जिसमें कहा गया था कि प्रत्येक न्यायधीश को अचल संपत्ति या निवेश के रूप में उनके नाम पर उनके पति या पत्नी या उन पर आश्रित किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सभी सम्पत्तियों की घोषणा मुख्य न्यायाधीश को करनी चाहिए. 28 अगस्त 2009 को दिल्ली हाई कोर्ट के सभी जजों ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि सभी जज अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने पर सहमत है.

-भारत एक्सप्रेस 


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