Anil Ambani Loan Case: अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक पाल को पटियाला हाउस कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ईडी रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट ने पेश किया गया. जहां ईडी की मांग पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण गुप्ता ने पाल को 29 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
अशोक पाल को 68 करोड़ रुपए की कथित बैंक गारंटी से संबंधित मामले में लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया था. अशोक पाल की यह गिरफ्तारी 2024 में हुई एक एफआईआर के आधार पर की गई है, जिसमें सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को फर्जी गारंटी दी गई थी.
इसके अलावा अशोक पाल पर करोड़ों रुपए के फर्जी ट्रांसपोर्ट बिलों के जरिए धन निकालने का भी आरोप है. बताया जा रहा है कि उन्होंने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भुगतान की फाइलें मंजूर की, ताकि कंपनी की आधिकारिक प्रणाली को दरकिनार किया जा सके. इतना ही नहीं, जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने जिन बैंकों के नाम से गारंटी दी, असल में वे उस देश में मौजूद है ही है.
ईडी ने अनिल अंबानी से पूछे करोड़ रुपये के लोन मामले में सवाल
हाल ही में ईडी ने अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया था. ईडी के.मुताबिक RHFL और RCFL की ओर से 12524 करोड़ रुपये के लोन दिए गए. इनमें से ज्यादातर लोन रिलायंस अनिल अंबानी की कंपनी को दिया गया. इनमें से 6931 करोड़ रुपए का लोन नॉन परफॉर्मिंग असेट्स घोषित किया गया है.
दरअसल रिलायंस पावर लिमिटेड एक सूचीबद्ध कंपनी हैं और इसमें 75 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों की है. कंपनी के बोर्ड प्रस्ताव के तहत अशोक कुमार पाल को टेंडर से जुड़े सभी दस्तवेज़ों को अंतिम रूप देने, स्वीकृत करने और हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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