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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अनवर ढेबर को SC से राहत नहीं, 3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 3 अगस्त को सुनवाई करेगा. जांच एजेंसी ने दो सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही.

Anwar Dhebar- Chhattisgarh Liquor Scam

Edited by Sahil Singh

Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 3 अगस्त को सुनवाई करेगा. भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच एजेंसी के अनुरोध पर मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. एजेंसी ने अदालत को बताया कि जांच अंतिम चरण में है और दो सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी.

गिरफ्तारी के समय पर सवाल

सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि मामले में हाल ही में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हुई है और जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि यह अंतिम चार्जशीट होगी और दो सप्ताह में दाखिल कर दी जाएगी.

इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने जांच एजेंसी से सवाल किया कि मामले की जानकारी वर्ष 2023 से होने के बावजूद अनवर ढेबर की गिरफ्तारी तब क्यों की गई, जब उन्हें अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी थी. इस पर जेठमलानी ने कहा कि एजेंसी को एसीआईआर (ECIR) के माध्यम से जानकारी मिली थी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में सात ईसीआईआर दर्ज की थीं.

कोर्ट की टिप्पणी और बचाव पक्ष की दलील

जस्टिस बागची ने स्पष्ट किया कि अदालत आरोपी के दोषी या निर्दोष होने पर कोई राय नहीं दे रही है, लेकिन यह भी कहा कि बार-बार गिरफ्तारी और दो साल बाद की गई गिरफ्तारी से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी को सजा के रूप में हिरासत में रखा जा रहा है.

वहीं, अनवर ढेबर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मामला केवल “एवरग्रीनिंग” यानी जांच को लगातार लंबा खींचने का उदाहरण है और इसके पीछे कोई नया आधार नहीं है.


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2019 से 2023 के शराब घोटाले का मामला

जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था. आरोप है कि इस नेटवर्क ने शराब निर्माताओं, सप्लायर्स और अन्य पक्षों से अवैध कमीशन वसूला तथा सरकारी तंत्र को प्रभावित किया. इससे पहले 13 मई को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. मामला आबकारी विभाग में कथित 182 करोड़ रुपये के ओवरटाइम, हॉलिडे पे, बोनस और सर्विस चार्ज से जुड़े कथित घोटाले से भी संबंधित बताया जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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