दिल्ली के द्वारका इलाके में पेड़ों की छंटाई के मामले में बड़ा आदेश जारी किया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी और दिल्ली नगर निगम को आदेश दिया है कि संयुक्त सर्वे कराकर पता लगाएं कि किन-किन पेड़ों की छंटाई की आवश्यकता है और उसके बाद तुरंत कार्रवाई की जाए. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ सुनवाई कर रही है. कोर्ट 29 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने द्वारका में पेड़ों की छंटाई सर्वेक्षण चार सप्ताह के भीतर पूरी करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि छंटाई की आवश्यकता वाले सभी पेड़ों की देखभाल पर्याप्त संख्या में कार्यबल लगाकर की जाए. कोर्ट ने कहा कि मानसून के दौरान जब भारी बारिश होती है, तो पेड़ गिरने से जान-,माल की क्षति होने की कई घटनाएं सामने आती है. कोर्ट ने कहा कि पेड़ों की छंटाई और कटाई के लिए प्राधिकारियों को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.
हाई कोर्ट ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
अदालत ने कहा कि जनहित याचिका के साथ दायर तस्वीरों से साफ पता चलता है कि पेड़ों की छंटाई और पेड़ों को सूखे हिस्सों को काटने के लिए अधिकारियों का तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है. अदालत ने कहा कि मृत हिस्सों को काटने और आवश्यकतानुसार पेड़ों की छंटाई न केवल पेड़ों के संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि संपत्ति और जनजीवन को संभावित नुकसान से बचाने के लिए भी आवश्यक कदम है.
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भारत एक्सप्रेस
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