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कैश फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित आरोपी व पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की ओर से दायर अर्जी पर अगले हफ्ते होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी सेंथिल बालाजी की याचिका पर सुनवाई टाल दी है. कोर्ट ने जांच अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे घोटाले की समग्र जांच होनी चाहिए.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

Cash For Job Scam: सुप्रीम कोर्ट कैश फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित आरोपी तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी की ओर से दायर याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा.

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान बालाजी की ओर से पेश वकील ने सुनवाई को टालने की मांग की जिसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमने कल रात 20-25 पन्ने पढ़े और अब आप स्थगन मांग रहे हैं?

वही ईडी की ओर से पेश वकील हुसैन ने याचिका की कॉपी की मांग की, कोर्ट ने याचिकाकर्ता से ईडी को कॉपी देने को कहा. बालाजी की ओर से दायर अर्जी में कहा गया है कि 8 सितंबर 2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई है.

घोटाले की टुकड़ों में नहीं, समग्र जांच होनी चाहिए: SC

याचिका में कहा गया है कि कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी से उनके खिलाफ निचली अदालत में चल रहे ट्रायल को प्रभावित कर सकता है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार का उल्लंघन करती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि क्रिमिनल कानून का एक नौदिखिया भी पीसी एक्ट के अपराधों को अंतिम रिपोर्ट से बाहर नही रखता है.

कोर्ट ने जांच अधिकारी के मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह वॉर करना चाहता था, लेकिन घाव देने से डरता था. कोर्ट ने राज्य की जांच में पक्षपात पूर्ण रवैये की आलोचना करते हुए कहा था कि पूरे घोटाले की समग्र जांच होनी चाहिए न कि टुकड़ों में.

मंत्री पद पर वापसी से गवाहों पर दबाव की आशंका

बता दें कि इसी साल अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि वे मंत्री पद नही छोड़ते है तो उनकी जमानत को रद्द कर दिया जाएगा. कोर्ट ने कहा था कि याचिका में आशंका जताई गई है कि कोर्ट से जमानत मिलने के तुरंत बाद सेंथिल बालाजी को मंत्री बना दिया गया, जिसकी वजह से गवाह दबाव में आ सकते है क्योंकि वह कैबिनेट में सीनियर मंत्री है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि सेंथिल बालाजी के दोबारा मंत्री बनने से गवाह दबाव में आ जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने बालाजी को इस आधार पर जमानत दी थी कि ट्रायल जल्द शुरू होने के आसार नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को सेंथिल बालाजी को इस आधार पर जमानत दी थी कि वह जून, 2023 से कैद में है और ट्रायल के जल्दी शुरू होने की कोई संभावना नही है. जेल से रिहा होने के तीन दिन बाद ही 29 सितंबर को तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार में सेंथिल बालाजी ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली थी.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म उदयपुर फाइल्स को लगी रोक को हटाने से फिलहाल इनकार कर दिया है

-भारत एक्सप्रेस



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