दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ राशिद इंजीनियर की ओर से दायर अर्जी पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कल आपका केस ऑटो लिस्ट हो जाएगा, इसमें दिक्कत क्या है. कोर्ट राशिद इंजीनियर की अर्जी पर कल सुनवाई कर सकता है. राशिद इंजीनियर ने अपनी अर्जी में अपने खर्च पर संसद में भाग लेने की अनुमति से संबंधित लगाई गई शर्ते को हटाने की मांग की गई है.
मामले की सुनवाई के दौरान राशिद इंजीनियर की ओर से पेश वकील ने कहा कि मुझे कल बताया गया कि संसद सत्र में भाग लेने के लिए मुझे प्रतिदिन 1.4 लाख रुपये का भुगतान करना होगा. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि क्या कोर्ट सरकार द्वारा वहन की जाने वाली राशि निर्धारित करेगा? कोर्ट ने पूछा क्या आपकी अपील में इस मुद्दे को निपटाया जा सकता है.
कोर्ट के आदेश – संसद सुरक्षा की निगरानी में रहेंगे राशिद
दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति देते समय कहा है कि जेल से बाहर रहने के दौरान राशिद को मोबाइल फोन या लैंडलाइन का इस्तेमाल करने या मीडिया से बातचीत करने की इजाजत नहीं होगी. इससे पहले राशिद इंजीनियर द्वारा संसद सत्र में भाग लेने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई के दौरान उनके ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने कहा कि मैं संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मांग रहा हूं. इससे पहले मुझे (राशिद इंजीनियर) एकल पीठ ने पिछले संसद सत्र में भाग लेने के लिए हिरासत पैरोल दी गई थी.
जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने अपने आदेश में कहा कि संसद भवन में अपीलकर्ता को संसद सुरक्षा/मार्शल की हिरासत में सौंपा जाएगा, जो उन्हें लोकसभा की कार्यवाही में शामिल होने और संसद भवन के भीतर उपलब्ध अन्य सुविधाओं बकम उपयोग करने की अनुमति देंगे. लोकसभा सत्र समाप्त होने के बाद, उन्हें वापस जेल सुरक्षा दल को सौंप दिया जाएगा, जो सीधे जेल लेकर जाएंगे, बिना किसी देरी के.
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि हर दिन लोकसभा की कार्यवाही समाप्त के बाद इंजीनियर राशिद को वापस जेल लाया जाए और जेल नियमों के अनुसार भले ही यह आधिकारिक समय के बाद हो, उन्हें जेल में दाखिल किया जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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