राशिद इंजीनियर
टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामुला से सांसद राशिद इंजीनियर की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए से पूछा कि क्या राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने के लिए हिरासत पैरोल दी जानी चाहिए? कोर्ट ने एनआईए से 7 फरवरी तक रुख साफ करने को कहा है. वही एनआईए ने राशिद इंजीनियर की ओर से दायर अंतरिम जमानत का एक बार फिर विरोध किया है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच 7 फरवरी अगली सुनवाई करेगी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने एमपी/एमएलए कोर्ट के पदनाम पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर अर्जी की स्थिति के बारे में पूछा है. राशिद इंजीनियर ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है, जो 31 जनवरी से शुरू हुआ और चार अप्रैल को खत्म हो रहा है. पिछली सुनवाई में राशिद इंजीनियर के वकील एन हरिहरन ने कहा था कि मैं सभी आपत्तियों को पूरा करने के लिए तैयार हूं. मैं सिर्फ अंतरिम जमानत मांग रहा हूं. केस की मेरिट पर हम बाद में विचार कर सकते है.
उन्होंने यह भी कहा था पहले राशिद को चुनाव प्रचार के लिए कस्टडी पैरोल मिली थी. राशिद इंजीनियर ने पहले भी शर्ते पूरी की है. 24 दिसंबर 2024 को पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. उसके पहले राशिद इंजीनियर को शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी थी. इससे पहले राशिद इंजीनियर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है. लेकिन आगे की अंतरिम जमानत की अवधि को कोर्ट ने बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राशिद इंजीनियर ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था.
राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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