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दिल्ली हाई कोर्ट ने छह वर्षीय बच्चे पर हमला करने वाले पिटबुल कुत्ते के मालिक, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD को जारी किया नोटिस, 4 हफ्तों में मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने छह वर्षीय बच्चे पर हमला करने वाले पिटबुल कुत्ते के मालिक, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और एमसीडी को चार सप्ताह में जवाब देने का नोटिस जारी किया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने छह वर्षीय बच्चे पर हमला करने वाले पिटबुल कुत्ते के मालिक, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और एमसीडी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. जस्टिस सचिन दत्ता ने यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने दिनेश कुमार रॉय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने कुत्ते को जब्त करने करने और प्राथमिकी जांच का आदेश दिया है.

दायर याचिका में खूंखार कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई. कोर्ट ने खूंखार कुत्तों की नस्लों के आयात, व्यापार, बिक्री, प्रजनन या पालन-पोषण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. इसके अलावे कुत्ते के शिकार बच्चे के पिता ने 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है. वही मामले की सुनवाई के दौरान एमसीडी ने कोर्ट को सूचित किया है कि मालिक की सहमति से कुत्ते को जब्त कर लिया गया है. इस पर पीठ ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में की गई प्राथमिकी का शीघ्र जांच करने का निर्देश दिया है. साथ ही एमसीडी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कुत्ते को बिना सावधानी बरतें न छोड़ा जाए.

कोर्ट ने दिया आदेश

कोर्ट ने सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. एमसीडी ने यह भी बताया कि निगम ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई की. कोर्ट को यह भी बताया गया है यह पालतू कुत्ता बिना रजिस्ट्रेशन के रखा गया था जो कानून का उल्लंघन है. कोर्ट ने एमसीडी को आदेश दिया है कि कुत्ते को तबतक न छोड़ा जाए, जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो.

हालांकि कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि मुआवजे की जिम्मेदारी सरकार से ज्यादा कुत्ते के मालिक की है. दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि यह पहला मामला नही है. उस पिटबुल ने पहले भी कई लोगों को काटा है और हमला किया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि पहले की शिकायतों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी.

सरकार से मुआवजे की मांग

पीड़ित का पिता एक दिहाड़ी मजदूर है जो 10 से 12 हजार रुपये महीना कमाता है. वह बच्चे के ईलाज का खर्च नही वहन कर सकता, इसलिए सरकार से मुआवजे की मांग की है. 23 नवंबर को जब बच्चा घर के बाहर खेल रहा था उस दौरान उसपर हमला कर दिया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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