IRCTC Money Laundering Case: आईआरसीटीसी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट आरोप तय करने को लेकर 12 अगस्त को फैसला सुनाएगा. स्पेशल न्यायाधीश डॉक्टर विशाल गोगने के छुट्टी पर रहने के कारण फैसले को टाल दिया है. इस मामले में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित 16 आरोपी है.
क्या है मामला?
ईडी द्वारा दायर चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव सहित अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है. ईडी ने लालू प्रसाद यादव परिवार के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. दाखिल चार्जशीट में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव को मुख्य रूप से नामजद आरोपी बनाया गया है. इनके अलावा कुछ अन्य लोगों और कंपनियों के खिलाफ भी ईडी ने चार्जशीट दायर किया है.
अदालत ने पहले की सुनवाई में यह भी माना था कि,
कथित टेंडर घोटाले की साजिश लालू प्रसाद यादव की जानकारी में रची गई थी. अदालत के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप व आर्थिक लाभ पहुचाने के आरोप गंभीर हैं. इससे पहले सीबीआई के मामले में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य के खिलाफ आरोप तय हो चुका है. ट्रायल चल रहा है. जिन धाराओं के तहत लालू पर आरोप तय किया था, उनमे शामिल है IPC 420, IPC 120B, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d).
RCTC का मामला लैंड फॉर जॉब मामले से अलग
मामले में आरोपियों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल मैनेजर वीके अस्थाना, आर के गोयल, सुजाता होटल्स के निदेशक विजय कोचर और विनय कोचर भी शामिल है. बता दें कि IRCTC का मामला लैंड फॉर जॉब मामले से अलग है. IRCTC घोटाला भी 2004 में लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुआ था. दरअसल रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह IRCTC को सौप दिया था. इस दौरान रांची और पूरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमितताएं किए जाने की बात सामने आई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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