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जस्टिस बीवी नागरत्ना बनेंगी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य, 2027 में बनेंगी भारत की पहली महिला CJI

जस्टिस बीवी नागरत्ना 25 मई से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य बनेंगी. 2027 में वे भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने की तैयारी में हैं. जानें उनका सफर और प्रोफाइल.

Justice BV Nagarathna
Edited by Akansha

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका के रिटायरमेंट के बाद जस्टिस बीवी नागरत्ना 25 मई से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हिस्सा बन जाएंगी. उन्हें 23 सितंबर 2027 को भारत का पहला मुख्य न्यायाधीश बनने का अवसर मिलेगा. नए कॉलेजियम में सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस जे. के माहेश्वरी और जस्टिस बीवी नागरत्ना शामिल होंगे.

सीजेआई बीआर गवई बुला सकते हैं कॉलेजियम की बैठक

माना जा रहा है कि 26 मई को सीजेआई बीआर गवई कॉलेजियम की बैठक बुला सकते हैं. कॉलेजियम के इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट में रिक्त 3 पदों सहित विभिन्न हाई कोर्ट में नियुक्तियों को लेकर विचार विमर्श हो सकता है. आपको बता दें कि जस्टिस बीवी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके ईएस वेंकटरमैया की बेटी है.

कौन हैं जस्टिस बीवी नागरत्ना?

जस्टिस नागरत्ना की 10वीं तक की पढ़ाई इन्होंने नई दिल्ली से की. भारतीय विधानभवन के मेहता विद्यालय से 12वीं करने के बाद इन्होंने स्नातक के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मेरी कॉलेज (इतिहास ऑनर्स) में दाखिला लिया. इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ही कानून में स्नातक किया है. जस्टिस नागरत्ना की शादी बीएन गोपाल कृष्ण से हुई और इनकी दो बेटियां हैं. उन्होंने 1987 में अपने करियर की शुरुआत की थी.

कर्नाटक हाई कोर्ट की जज हैं बीवी नागरत्ना

23 सालों तक वकालत करने के बाद वह जज बनी. उन्होंने हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. जस्टिस बीवी नागरत्ना अभी कर्नाटक हाई कोर्ट की जज हैं. वकील के तौर पर 28 अक्टूबर 1987 को इनका बेंगलुरु में रजिस्ट्रेशन हुआ. 18 फरवरी 2008 को यह कर्नाटक हाई कोर्ट में बतौर एडिशनल जज नियुक्त हुई और फिर दो साल बाद यानी 17 फरवरी 2010 को परमानेंट जज बन गई.

-भारत एक्सप्रेस 



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