Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है. जस्टिस मेहता ने 2 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त को लिखे पत्रों में जस्टिस शर्मा पर केसों की लिस्टिंग में हेरफेर करने और प्रशासनिक शक्तियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है.
2 अगस्त को सीजेआई को पत्र भेजा
जस्टिस मेहता ने जस्टिस संजीव प्रकाश पर आरोप लगाया है कि वे अमीर मुदकमेबाजों के फायदे के लिए केस को सूचीबद्ध करने में हेरफेर के रहे है और अगले महीने होने वाली अपनी रिटायरमेंट से पहले अपनी प्रशासनिक शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. जस्टिस संदीप मेहता ने 2 अगस्त को सीजेआई को पत्र भेजा था, उसमें उन्होंने कहा था कि राजस्थान के दौरे के दौरान हाई कोर्ट के कई जज उनसे मिले और जस्टिस शर्मा के व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. पत्र के मुताबिक, जस्टिस शर्मा कथित तौर पर अपने साथी जजों को कार्रवाई और ट्रांसफर की धमकी देते है, इसके लिए वो सीजेआई सूर्यकांत से अपने संबंध का हवाला देते है.
मामलों की जांच पर भी सवाल उठाया
10 अगस्त को लिखे गए अगले पत्र में जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा द्वारा कुछ वकीलों के प्रति कथित पक्षपात और रोस्टर शक्तियों के दुरुपयोग के और खास उदाहरण दिए. 17 अगस्त को सीजेआई को लिखे पत्र में जस्टिस मेहता ने कहा कि उन्होंने अपने पिछले पत्रों में ही जस्टिस शर्मा के घोर कुप्रबंधन और गंभीर रूप से संदिग्ध गतिविधियों का जिक्र किया और पूछा कि उन्हें काम जारी रखने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है. जस्टिस मेहता ने यूके की अनमोल जमीन (उदयपुर लैंड केस) से जुड़े मामलों की जांच पर भी सवाल उठाया है. उनका कहना है कि ऐसे मामलों की अपीलें एक समूह जयपुर स्थित जस्टिस शर्मा की पीठ ने पहले एक फैसले में स्पष्ट कर दिया था कि जोधपुर प्रधान पीठ से जुड़े ऐसे मामलों को जयपुर नहीं भेजा जा सका.
मार्च 2023 में इस अनुरोध को खारिज किया
जस्टिस शर्मा को नवंबर 2016 में राजस्थान हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था और 2022 में उनका तबादला पटना हाई कोर्ट कर दिया गया था. जब उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से वापस आने का अनुरोध किया तो तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने मार्च 2023 में इस अनुरोध को खारिज कर दिया और इसके बजाय उन्हें पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ट्रांसफर कर दिया. मई 2025 में कॉलेजियम के एक नए प्रस्ताव में उनके राजस्थान लौटने की सिफारिश की गई. इसके बाद वे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने, जस्टिस मेहता की चिट्ठी के मुताबिक वे इस पद पर पिछले 10 महीनों से ज्यादा समय से बने हुए है.
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-भारत एक्सप्रेस
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