पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की गई है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को निर्धारित की है.
अन्य याचिकाओं पर भी 9 मार्च को सुनवाई
इसी मामले में गिरफ्तार भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर की जमानत याचिका पर भी पटियाला हाउस कोर्ट 9 मार्च को सुनवाई करेगा. दोनों की पिछली पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोर्ट को बताया था कि जांच अभी शुरुआती स्टेज में है. सबूतों की रिकवरी और को-आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है. इससे पहले डियूटी मजिस्ट्रेट ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि रिमांड और जमानत की प्रार्थना उन सह-आरोपियों से अलग है, जिन्हें पहले जमानत मिल चुकी है.
‘जमानत में बराबरी का नियम मैकेनिकल नहीं’: कोर्ट
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि क्रिमिनल ज्यूरिसप्रूडेंस का सिद्धांत है कि जमानत के मामलों में बराबरी का नियम जरूरी है, लेकिन इसे मैकेनिकल या एक जैसे तरीके से लागू नहीं किया जा सकता. दोनों की पिछली जमानत अर्जी 27 फरवरी 2026 के आदेश से पहले ही खारिज हो चुकी थी. आरोपी के वकील ने यह बात जानबूझकर छिपाई, इसलिए अर्जी खारिज करने की मांग की गई.
पुलिस का क्या है दावा?
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एआई समिट के दौरान विदेशी मेहमान शामिल थे. प्रदर्शन जानबूझकर ऐसी जगह पर किया गया, जबकि जंतर-मंतर जैसी अन्य जगहें उपलब्ध थीं. पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए. संविधान में प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं. यह सामान्य प्रदर्शन नहीं था.
किन्हें मिल चुकी है जमानत?
इसी मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू चिब सहित 10 लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. कोर्ट ने कहा कि इनकी तुलना में भूदेव और दिव्यांश की स्थिति अलग है. जांच अभी शुरुआती चरण में है और सबूत इकट्ठा करने की जरूरत है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




