AI summit protest case: पटियाला हाउस कोर्ट में एआई समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है.
कोर्ट ने मनीष शर्मा को निर्देश दिया है कि वे कल जांच में शामिल हों. साथ ही, कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है, तो दिल्ली पुलिस को 7 दिन पहले नोटिस देना होगा. यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने दिया है.
अन्य लोगों को भी जमानत मिल चुकी है
सुनवाई के दौरान मनीष शर्मा के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में मौके पर मौजूद अन्य लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. इससे पहले कोर्ट ने उमेश चंद्र पडाला को भी अग्रिम जमानत दी थी. हाल ही में गिरफ्तार दिव्यांश गिरधर, भूदेव शर्मा और कुबेर मीणा को भी 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बॉन्ड पर जमानत मिल चुकी है.
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
वहीं, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि एआई समिट में विदेशी मेहमान भी शामिल थे, लेकिन इसके बावजूद जानबूझकर वहीं प्रदर्शन किया गया, जबकि जंतर-मंतर जैसी जगहें इसके लिए तय हैं. पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और यह सामान्य प्रदर्शन नहीं था.
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वकील ने क्या कहा?
जमानत की सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने दलील दी कि उन पर लगे आरोपों में 5 साल से कम सजा का प्रावधान है. साथ ही, पुलिस पहले ही उनसे 9 दिन तक पूछताछ कर चुकी है, इसलिए अब उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है. वकील ने यह भी कहा कि आरोपी न तो देश छोड़कर भागेंगे और न ही सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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