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नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया-राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को कोर्ट का नोटिस, 8 मई को अगली सुनवाई

नेशनल हेराल्ड केस में ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को नोटिस जारी किया. अगली सुनवाई 8 मई को होगी.

Sonia-Rahul Gandhi

नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धनशोधन के मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दों पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे सहित अन्य को नोटिस जारी किया है. कोर्ट 8 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने संज्ञान लेने के मुद्दों पर यह नोटिस जारी किया है.

ईडी की जांच में यह दावा किया गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडियन ने एसोसिएट जर्नल प्रेस लिमिटेड (एजेएल) की 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को सिर्फ 50 लाख रुपये में हासिल किया था. ईडी का कहना है कि यह एक तरह की धोखाधड़ी थी और इसमें 988 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई. ईडी ने चार्जशीट धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत दाखिल किया है. इसमें पीएमएलए की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 का उल्लेख किया गया है.

पीएमएलए की धाराओं के तहत मामला दर्ज

इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे का नाम शामिल है. यह पहली बार है जब कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ किसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. बता दें कि, ईडी ने साल 2014 में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर एजेएल और यंग इंडिया के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी.

ईडी ने एजेएल यानी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडिया की अभी करीब 751.9 करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टी जब्त की है. नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी. वह स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक था, इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल की तरफ से प्रकाशित किया जाता था.

साल 2008 में वित्तीय संकट के बाद समाचार पत्र बंद हो गया और यहीं से इस विवाद की शुरुआत हुई. इसके बाद 2010 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईअल) नाम की कंपनी बनीं, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी हैं.

सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लगाए गए आरोप

इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में आरोप लगाया कि वाईआईअल ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया और यह धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है. हालांकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने कड़ीं प्रतिक्रिया दी थी.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा-नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना कानून के शासन का मुखौटा ओढ़कर एक राज्य प्रायोजित अपराध है. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की तरफ से की गई बदले की राजनीति और डराने-धमकाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसका नेतृत्व चुप नहीं बैठेगा. सत्यमेव जयते.

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-भारत एक्सप्रेस 



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