नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धनशोधन के मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर 2 जुलाई से राऊज एवेन्यु कोर्ट प्रतिदिन सुनवाई करेगा. समन जारी करने से पहले हो रही सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुनवाई को जुलाई तक टालने की मांग की, सिंघवी ने कहा कि उन्हें चार्जशीट की कॉपी अभी मिली है. जिसको पढ़ने में समय लगेगा.
रोजाना चलेगी सुनवाई
जिसका ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने विरोध किया है, कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान ही चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध करवा दी गई थी. उसके बाद आज सुनवाई के लिए केस लगा था उस समय किसी भी तरह की आपत्ति नहीं जताया गई थी लेकिन अब सुनवाई टालने की मांग की जा रही है, हम आज ही सुनवाई के लिए तैयार है.
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की कोर्ट 2 जुलाई से 8 जुलाई तक रोजाना सुनवाई करेगी. एएसजी एसवी राजू ने कहा कि मामले में सोनिया गांधी पहली आरोपी और राहुल गांधी को दूसरे आरोपी बनाया गया इसके साथ कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया है- (i) सोनिया गांधी, (ii) राहुल गांधी, (iii) सुमन दुबे, (iv) सैम पित्रोदा, (v) यंग इंडियन, (vi) डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और (vii) सुनील भंडारी.
सुनवाई बिना वकील के भी संभव
एएसजी राजू ने कहा कि जिन आरोपियों के वकील की तरफ से वकालतनामा दाखिल हुआ बस वही दलील रखेंगे उनके अलावा और कोई दूसरा वकील दलील नहीं रखेगा. कोर्ट ने पूछा कि क्या मामले में आरोपी सैम पित्रोदा की तरफ से कोई वकील है अगर उनकी तरफ से कोई वकील नहीं है तो हम सुनवाई में उनके बिना भी आगे बढ़ेंगे. एएसजी एसवी राजू फिलहाल कोर्ट को धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के जरिए मामला समझा रहे हैं.
PMLA की धाराएं लागू
एएसजी राजू ने PMLA की धारा 3 का हवाला देते हुए कोर्ट से कहा कि संपत्ति पर आरोपियों का कब्ज़ा था. उस संपत्ति से आने वाला किराया भी अपराध की आय है. वहीं ईडी की ही ओर से पेश ज़ोहेब हुसैन ने कहा कि ‘अनुसूचित अपराध से संबंधित’ अभिव्यक्ति का उद्देश्य प्रावधान के दायरे को कम करने के बजाय उसका विस्तार करना है. हम तथ्यों से दिखाएंगे कि अपराध से प्राप्त आय के मूल्य में हुई वृद्धि भी आय में शामिल की जाएगी.
ईडी ने कही ये बात
ईडी ने कहा कि उन्होंने 142 करोड़ का आनंद लिया. ईडी ने कहा जब आरोपियों ने अपराध की आय अर्जित की, तो उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग की, लेकिन उस आय को अपने पास रखे रहना भी मनी लॉन्ड्रिंग माना जाता है. ईडी ने यह भी कहा कि यह न केवल प्रत्यक्ष है, बल्कि अप्रत्यक्ष भी है, जो अपराध की आय का परिणामी अधिग्रहण है. ईडी ने कोर्ट से कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ‘प्रथम दृष्टया’ मामला बनता है. ईडी ने यह भी कहा कि हम तथ्यों से दिखाएंगे कि अपराध से प्राप्त आय के मूल्य में हुई वृद्धि भी अपराध की आय में शामिल की जाएगी.
ईडी ने कोर्ट में कहा कि चूंकि मामले में संज्ञान लिया जा चुका है, इसलिए प्रथम दृष्टया मनी लांड्रिंग का मामला स्थापित हो चुका है. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें 5000 से ज्यादा पेज की चार्जशीट मिली है पढ़ने के लिए समय चाहिए होगा. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि शिकायत एक अधिकृत अधिकारी द्वारा दर्ज की गई है.
ईडी की जांच में किया गया दावा
ईडी की जांच में यह दावा किया गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडियन ने एसोसिएट जर्नल प्रेस लिमिटेड (एजेएल) की 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को सिर्फ 50 लाख रुपये में हासिल किया था. ईडी का कहना है कि यह एक तरह की धोखाधड़ी थी, और इसमें 988 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई. ईडी ने चार्जशीट धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत दाखिल किया है. इसमें पीएमएलए की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 का उल्लेख किया गया है.
इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे का नाम शामिल है. यह पहली बार है जब कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ किसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. बता दें कि, ईडी ने साल 2014 में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर एजेएल और यंग इंडिया के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी. ईडी ने एजेएल यानी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडिया की अभी करीब 751.9 करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टी जब्त की है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

