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दिल्ली हाई कोर्ट ने डाबर च्यवनप्राश विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और पतंजलि फूड्स लिमिटेड की अपील पर सवाल उठाया है. कोर्ट ने बाबा रामदेव से कहा कि याचिका वापस लीजिए या फिर जुर्माना भरने के लिए तैयार रहिए.

सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही इन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर चुका है.

सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक सरकार को बड़ी राहत मिल गई है. राज्य सरकार के खिलाफ दायर याचिका में कोर्ट ने खारिज कर दिया है. दायर याचिका में बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक को मैसूरु दशहरा उत्सव के मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए जाने को चुनौती दी गई थी.

अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है. दायर जनहित याचिका में दुर्घटनाग्रस्त विमान से प्राप्त संपूर्ण डेटा प्रकाशित करने की मांग की गई है.

वोडाफोन-आइडिया की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 26 सितंबर को सुनवाई करेगा.सीजेआई बी. आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ वोडाफोन आइडिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के संविधान के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है. कोर्ट ने एआईएफएफ को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर एक आम सभा की बैठक आयोजित करें और कुछ संशोधनों के साथ संविधान को अपनाए.

दिल्ली दंगों 2020 के यूएपीए मामले में सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को शरजील ईमाम, उमर खालिद और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि यह सुनियोजित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले हैं, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

दिल्ली हाईकोर्ट ने NHAI की 44 वकीलों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जिसमें CLAT पीजी परीक्षा के अंकों का आधार बनाया गया था. अदालत ने कहा कि शिक्षा योग्यता के लिए आयोजित परीक्षा अंकों का रोजगार चयन में प्रयोग करना उचित नहीं है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी को पोर्न देखने के लिए मजबूर करने और पांच साल तक बलात्कार करने के आरोपी पिता की जमानत रद्द कर दी. अदालत ने इसे चौंकाने वाला और विकृत बताया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति पर परिवार से संबंध तोड़ने का दबाव बनाना और सार्वजनिक अपमान करना मानसिक क्रूरता के तहत आता है और यह तलाक का आधार बन सकता है. अदालत ने पारिवारिक अदालत के आदेश को बरकरार रखा और पत्नी की चुनौती को खारिज किया.