Bharat Express DD Free Dish

लीगल

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को एमसीडी से बिल्डिंग को अधिग्रहित करने के लिए सामाजिक न्याय विभाग को फंड आवंटित करने में विफल रहने पर फटकार लगाई. जिसका उद्देश्य आशा किरण में भीड़भाड़ कम करना है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतपे के प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) को रद्द कर दिया. एलओसी पिछले साल दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने के बाद जारी किया गया था.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक रेप मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि एक महिला सहमति से किसी व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाती है और बाद में वह व्यक्ति शादी से मुकर जाता है, तो इस आधार पर उसे रेप का दोषी ठहराना संभव नहीं है.

चीनी वीजा फर्जीवाड़ा से जुड़े सीबीआई के मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और अभिषेक वर्मा को बरी कर दिया है.

आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रहे भरत इंदर सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने चहल की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

ई अबूबकर ने कोर्ट को बताया कि वह 70 वर्ष के हैं और कैंसर से पीड़ित हैं, साथ ही पार्किंसंस रोग से जूझ रहे हैं और अपनी हिरासत के दौरान उन्हे कई बार AIIMS भी जाना पड़ा.

हेमा समिति की रिपोर्ट में खुलासे के बाद मलयालम सिनेमा के कई निर्देशकों और अभिनेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. केरल सरकार ने 2017 में एक अभिनेत्री पर हमला मामले में जांच समिति का गठन किया था.

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को 26 नवंबर को या उससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के लिए मतगणना की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. सभी विकृतीकरण को एक सप्ताह के भीतर साफ कर दिया जाए और फिर से रंग दिया जाए.

दिल्ली हाईकोर्ट ने रमीज अहमद लोन की जमानत याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और अमित शर्मा की खंडपीठ ने एनआईए को अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 15 जनवरी, 2025 को तय की है.