Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

बंगाल शिक्षक सेवानिवृत्ति विस्तार से संबंधित मामले में दिए गए कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले को पलटा

पश्चिम बंगाल के शिक्षक शुभ प्रसाद नंदी मजूमदार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें उन्हें 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त किया गया था.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation
Edited by Radha Priya

Retirement Age Dispute: बंगाल शिक्षक सेवानिवृत्ति विस्तार से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने शुभ प्रसाद नंदी मजूमदार को लेकर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा वर्ष 2023 में दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ शुभ प्रसाद नंदी मजूमदार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था.

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल के भीतर या बाहर के विश्विद्यालयों में शिक्षण के पिछले अनुभव के आधार पर कर्मचारियों को वर्गीकृत करना, विशेष रूप से दशकों तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त के कगार पर खड़े कर्मचारियों को वर्गीकृत करना संबंध और स्पष्ट उद्देश्य का अभाव है.

अनुभव को लेकर उठा सवाल

अदालत ने कहा कि फरवरी 2021 की अधिसूचना में सेवानिवृति की आयु 60 साल से बढ़ाकर 65 साल करने का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के बाहर के विश्वविद्यालयों से अनुभव प्राप्त कर्मचारियों को बाहर करना नही थी. शुभ प्रसाद नंदी मजूमदार ने 1991 से असम के काछार कॉलेज में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी.

2007 में वह पश्चिम बंगाल के बर्दवान विश्वविद्यालय में नियुक्त हुए और बाद में उन्हें वरिष्ठ सचिव के पद पर पदोन्नति किया गया. 2021 में पश्चिम बंगाल सरकार ने 24 फरवरी 2021को अधिसूचना जारी किया. जिसमें सेवानिवृति की आयु 60 साल से बढ़ाकर 65 साल कर दिया गया. बशर्ते कि कर्मचारी ने किसी भी राज्य सहायता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में लगातार 10 साल तक शिक्षण का अनुभव प्राप्त किया हो.

इसके के मजूमदार ने आवेदन किया, क्योंकि उनके पास 16 साल का अनुभव था, लेकिन बर्दमान विश्वविद्यालय ने उनके आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनका अनुभव पश्चिम बंगाल सहायता प्राप्त संस्था से नही है और उनको 31 अगस्त 2023को 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त कर दिया गया. जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सिंगल बेंच ने उनके हक में फैसला दिया था, लेकिन डिवीजन बेंच ने.सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया था. जिसके खिलाफ.मजूमदार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

ये भी पढ़ें- बीआरएस के 10 विधायकों की अयोग्यता से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को तीन महीने में फैसला लेने का दिया निर्देश

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital