कोलकाता के आरजी कर रेप और हत्या मामले में पीड़िता के माता-पिता की ओर से दायर अर्जी का सुप्रीम कोर्ट ने निपटारा कर दिया है, साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की अनुमति दे दी है. पीड़िता के माता- पिता की ओर से दायर याचिका में केस की फिर से जांच की मांग की गई थी. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने कहा कि माता-पिता की तरफ से आवेदन में कई टिप्पणियां की गई हैं.
कोर्ट 13 मई को करेगा सुनवाई
कोर्ट मुख्य याचिका पर 13 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई करेगा. पीड़िता के माता पिता की ओर से दायर याचिका में केस की फिर से जांच की मांग की गई थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे कोर्ट में दिए गए हलफनामे में सावधानी बरतें, क्योंकि इस मामले में संजय रॉय के खिलाफ पहले ही सजा का आदेश दिया जा चुका है. जिसके बाद पीड़ित परिवार के वकील ने याचिका को वापस ले लिया था.
कोर्ट ने लगया 50 हजार रुपये का जुर्माना
सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसपर 50000 रुपये का जुर्माना लगाया था. साथ ही राज्य सरकार को मृतक ट्रेनी महिला डॉक्टर के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह अपराध जघन्यतम अपराध की श्रेणी में नही आता, जिससे दोषी को मौत की सजा दिया जा सके.
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कोलकाता हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई को सौंपा
कोलकाता हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई को सौंपा था. इस मामले में सीबीआई ने सबूत नष्ट करने के कथित प्रयासों के लिए आरजी कार के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के अधिकारी अभिजीत मंडल को भी गिरफ्तार किया था. लेकिन समय।सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नही करने पर दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया.
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