दिल्ली के साकेत कोर्ट ने बीना मोदी और ललित भसीन को उनके बेटे समीर मोदी द्वारा दायर एक मामले में समन जारी किया है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए यह समन जारी किया है. कोर्ट ने 10 फरवरी को माना कि समीर मोदी पर कथित मारपीट में बीना मोदी के शामिल होने के काफी सबूत मौजूद है.
बोर्ड मीटिंग में प्रवेश करने से रोका
कोर्ट ने बीना मोदी सहित अन्य को 7 मई को पेश होने का निर्देश दिया है. दिल्ली पुलिस ने बीना मोदी के पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद को भी आरोपी बनाया है. व्यवसायी समीर मोदी ने वर्ष 2024 में सरिता विहार पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराया था.
मोदी ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक बोर्ड मीटिंग में प्रवेश करने से रोका गया और बीना मोदी के पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद ने उनके साथ मारपीट की. जिस दौरान उनकी तर्जनी उंगली टूट गई थी.
बोर्ड मीटिंग में लेना चाहते थे भाग
इस घटना का जिक्र करते हुए उनके बड़े भाई ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर उनका हाथ टूटने की तस्वीरें पोस्ट की थीं. उन्होंने लिखा था, “,अपने छोटे भाई को इस हालत में देखकर दिल टूट गया. एक मां का अपने बेटे (समीर मोदी)को उसके सुरक्षा कर्मियों से इस तरह पिटवाया जाना कि उसका हाथ संभवतः हमेशा के लिए खराब हो जाए, यह चौकाने वाला है. उसका एकमात्र पाप यह था कि वह बोर्ड मीटिंग में भाग लेना चाहता था. बोर्ड के सभी सदस्य इस जघन्य अपराध के दोषी है. मेरा दिल मेरे भाई के साथ है.
समीर मोदी ने मां पर लगाए आरोप
दरअसल, यह मामला 11000 करोड़ रुपए के विरासत से जुड़ा हुआ है. के. के मोदी के छोटे बेटे और गॉडफ्रे फिलिप्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी ने अपनी मां बीना मोदी पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है. समीर मोदी द्वारा दर्ज एफआईआर में उन्होंने अपनी मां, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और गॉडफ्रे फिलिप्स के डायरेक्टर्स पर उन्हें गंभीर चोट पहुचाने का आरोप लगाया है.
विवादित विरासत में सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली गॉडफ्रे फिलिप्स के लगभग 50 फीसदी शेयर शामिल है, जिनकी कीमत 5500 करोड़ रुपए से अधिक है. साथ ही मोदी ग्रुप के अन्य फार्मा में हिस्सेदारी भी शामिल है. समीर मोदी ने अपनी मां पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें अपने पिता द्वारा ट्रस्ट डीड बताए गए तरीके से फंड वितरित नही किया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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