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पूर्व ओएसडी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को जारी किया नोटिस

छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल की पूर्व ओएसडी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट में दलील दी गई कि हर बार जमानत मिलने पर नई एफआईआर दर्ज कर दी जाती है.

Chhattisgarh Coal Scam
Edited by Vaibhav Gupta

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी सौम्या चौरसिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने यह नोटिस जारी किया है.

आरोप और सामग्री पुराने

मामले की सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि हर बार जमानत मिलने के बाद एक नई एफआईआर दर्ज कर दी जाती है. जबकि चौरसिया की ओर से पेश अन्य वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि 2019 से आरोप और सामग्री वही है, उसके बावजूद लगातार कार्रवाई की जा रही है.

बता दें कि सौम्या चौरसिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराएं शामिल थीं. पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि इस घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई, जिसे अलग-अलग लाभार्थियों में बांटा गया.

अवैध उगाही को लेकर एसीबी की जांच

छतीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपये की अवैध उगाही को लेकर एसीबी ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था. वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था. इस लेवी से हासिल राशि से चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई, जिनमे कई बेनामी भी है.

इस मामले में सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर बिश्नोई, आईएएस रानू साहू सौम्या चौरसिया सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था. ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया और उनके परिवार के नाम पर 9 करोड़ 20 लाख रुपए की 29 अचल संपत्ति होने की पुष्टि की है.

परिवार के नाम पर संपत्ती खरीदने का आरोप

वहीं रानू साहू पर साल 2015 से 2022 तक करीब चार करोड़ रुपये की अचल संपत्ति खुद के नाम से और पारिवारिक सदस्यों के नाम से खरीदने का आरोप है. जबकि उनके सेवा में आने के बाद से 2022 तक का कुल वेतन 92 लाख रुपये बताया जा रहा है. समीर बिश्नोई के पास साल 2010 से 2022 तक का कुल वेतन 93 लाख रुपये है.

इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम से 5 करोड़ रुपये की कई अचल संपत्ति ले रखी है, जो उनके वेतन से 500 गुना ज्यादा है. बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी राज्य में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कथित कोयला खनन और शराब घोटाले की जांच कर रही है. जिसमें उसने कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के अलावा आईएएस अधिकारियों सहित कुछ प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ जांच कर रही हैं.

ये भी पढ़ें: ईडी के अधिकारों को लेकर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने निदेशालय को नोटिस भेज मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस



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