Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा उत्तराखंड हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने जनमत संग्रह के आदेश को पलटा; 6 हफ्ते में जमीन ट्रांसफर करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट को हल्द्वानी के गौलापार में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है.

uttarakhand high court

uttarakhand high court

सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल से हाइकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है. साथ ही कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा जनमत संग्रह कराने के दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी.मोहना की बेंच ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट को ऐसे आदेश पारित करने का अधिकार नही है.

कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह गौलापार में प्रस्तावित हाई कोर्ट परिसर के लिए चिन्हित 26 हेक्टेयर जमीन को 6 सप्ताह में ट्रांसफर करने को कहा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया है संबंधित जमीन का कब्जा पेड़ों के साथ ही दिया जा सकता है.

बतादें कि उत्तराखंड हाइकोर्ट ने न्यायिक आदेश जारी कर प्रदेश सरकार को हाइकोर्ट शिफ्टिंग के लिए एक महीने के अंदर भूमि मुहैया कराने का आदेश दिया था. इसके साथ ही हाइकोर्ट ने शिफ्टिंग मामले में हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को अधिवक्ताओं व वादकारियों से राय लेने के लिए पोर्टल बनाने के निर्देश भी दिए थे.

रजिस्ट्रार जनरल की अध्यक्षता में बनी समिति

कोर्ट ने कहा था कि सभी लोग अपने विकल्प का इस्तेमाल करें. हाइकोर्ट ने एक समिति का गठन करने को भी कहा था. जिसके अध्यक्ष रजिस्ट्रार जनरल होंगे. इस समिति में विधायी और संसदीय मामलों के प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव (गृह), दो वरिष्ठ अधिवक्ता, उत्तराखंड बार एसोसिएशन के एक सदस्य और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से एक अन्य सदस्य होंगे. इस कमेटी को सात जून तक सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.

हाइकोर्ट को नैनीताल से ट्रांसफर कर अन्यत्र शिफ्ट करने की वजह वनों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था. कोर्ट का मानना था कि वर्तमान स्थान 75 फीसदी पेड़ो से घिरा है और ऐसे में अगर नई बिल्डिंग बनाई जाती है तो पेड़ों को काटना पड़ेगा. इससे बचाव के लिए कोर्ट द्वारा ये भी कहा गया था कि हल्द्वानी के गौलापार में 26 हेक्टेयर का भूमि को नए स्थान के लिए प्रस्तावित किया गया है.

ये भी पढ़ें: ‘राजनीतिक मुद्दा मत बनाइए…’ अमित शाह और राहुल गांधी समेत सभी सांसदों पर FIR की मांग करने वाली वकील को हाईकोर्ट की फटकार



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital