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सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी! देश में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी, पंजाब-गोल्डन क्रिसेंट का जिक्र

सुप्रीम कोर्ट ने देश में बढ़ती ड्रग्स समस्या और संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है.

मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई.

भारत में वैवाहिक दुष्कर्म की संवैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई, जिसमें केंद्र और राज्यों के रुख पर फैसला होना है. (PC: भारत एक्सप्रेस)

सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स की बढ़ती समस्याओं से निपटने और संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने की मांग वाली याचिका पर.केंद्र सरकार और देश के.सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है.

उन्होंने कहा कि देखिए कि पंजाब में क्या हो रहा है. इसलिए कानून-व्यवस्था से जुड़ी मशीनरी को इस पर ध्यान देना होगा. अदालत ने कहा कि यह समस्या पूरे देश मे फैली हुई है, और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है. सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि नशीले पदार्थो की सीमा-पार तस्करी, खासकर एशिया के गोल्डन क्रिसेंट इलाके से होने वाली तस्करी पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि ये सभी बातें अहम है. जस्टिस बागची ने कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा को देखते हुए, आप गोल्डन क्रिसेंट, बर्मा और अफगानिस्तान की स्थिति पर गौर कर सकते है.

ड्रग मामलों की जांच और ट्रायल की समयसीमा तय करने की मांग

दायर याचिका में मांग की गई है कि एनडीपीएस मामलों में एफएसएल की रिपोर्ट, जांच और ट्रायल की समय-सीमा तय करने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि एनडीपीएस मामलों में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट जमा करने के लिए निश्चित समयसीमा तय होनी चाहिए. साथ ही ड्रग मामलों की जांच और सुनवाई के लिए भी स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने की मांग की गई है.

इसके अलावे देश के सभी थानों और राज्यों में ड्रग मामलों की जांच के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाने की मांग की गई है. साथ ही ड्रग माफिया और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए उनकी संपत्तियों को तेजी से जब्त करने की मांग की गई है.

दायर याचिका में एनडीपीएस मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाने और तलाशी, जब्ती व नमूने एकत्रित करने की कार्रवाई की अनिवार्य रूप से डिजिटल रिकॉर्डिंग व वीडियोग्राफी लागू करने की मांग की गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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