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सुप्रीम कोर्ट वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर से संबंधित मामले में 8 अगस्त को करेगा सुनवाई

Banke Bihari Temple: सुप्रीम कोर्ट वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर मामले में 8 अगस्त को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन की निगरानी के लिए समिति बनाने का सुझाव दिया है और सभी पक्षों से नाम व सुझाव मांगे हैं.

Banke Bihari Temple
Edited by Akansha

Banke Bihari Temple: सुप्रीम कोर्ट वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर से संबंधित मामले में 8 अगस्त को सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है. कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन की निगरानी के लिए एक अंतरिम व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. इसके तहत एक समिति का गठन किया जाएगा, जो मंदिर के कार्यों की देखरेख करेगी.

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने समिति के लिए किसी पूर्व जज या वरिष्ठ वकील के नाम सुलझाने को कहा है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि सुनवाई कुछ दिन के लिए टाल दिया जाए, ताकि याचिकाकर्ता भी सुझाव दे सके. मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराजन ने अध्यायदेश का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करना नहीं है, जबकि मंदिर के बेहतर प्रशासन के लिए अध्यायदेश लाया गया है.

मंदिर में दर्शन करने के लिए प्रत्येक दिन आते हैं हजारों लोग

उन्होंने कोर्ट को बताया कि मंदिर में दर्शन करने के लिए प्रत्येक दिन हजारों लोग आते है. मंदिर कोष में गड़बड़ी न हो इसको रोकने के लिए अध्यायदेश लाया गया है. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि आप एक धार्मिक स्थल को “निजी” कहा रहे है, यह एक भ्रम है. कोर्ट ने कहा था कि जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं वह निजी कैसे हो सकता है? कोर्ट ने कहा था प्रबंधन निजी हो सकता है, लेकिन कोई देवता निजी नहीं हो सकता है.

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बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन के लिए अंतरिम व्यवस्था का दिया प्रस्ताव

कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन के लिए अंतरिम व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है. जिसमें एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज या वरिष्ठ जिला जज को मंदिर का प्रबंधक बनाने का सुझाव. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल यूपी सरकार के अध्यादेश की संवैधानिकता की जांच नहीं कि जा रही है. कोर्ट ने कहा था कि इस मुद्दे को पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में उठाया जाना चाहिए.

मंदिर के धार्मिक अनुष्ठान गोस्वामी परिवार द्वारा ही कराए जाएंगे- कोर्ट

कोर्ट ने कहा था कि मंदिर के धार्मिक अनुष्ठान गोस्वामी परिवार द्वारा ही कराए जाएंगे. कोर्ट ने कहा था कि विकास कार्यों के लिए रिटायर्ड जज की अगुवाई वाली समिति को सीमित फंड के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है. कोर्ट ने धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा देने की बात कही, और तिरुपति, शिरडी जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए सभी पक्षों से सुझाव मांगा था.

-भारत एक्सप्रेस 



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