Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं का 3 से 6 महीने में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट करें निपटारा- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों को जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं पर 3 से 6 महीने के भीतर निर्णय लेने का सख्त निर्देश दिया है. यह आदेश बॉम्बे हाई कोर्ट में वर्षों से लंबित अग्रिम जमानत याचिका के संदर्भ में दिया गया, जिसे 6 साल बाद खारिज किया गया था.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation

देशभर की अदालतों में लंबित जमानत याचिकाओं सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. जस्टिस जे. बी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने देश भर के सभी हाइकोर्ट्स और निचली अदालतों को आदेश दिया है कि जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं का 3 से 6 महीने में निपटारा करें. कोर्ट ने कहा कि जमानत से जुडी अर्जी सीघे तौर पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित होती है, इसलिए इन्हें वर्षो तक लंबित रखना न्याय के सिंद्धान्तों और संविधान की भावनाओं के खिलाफ है.

व्यक्तिगत स्वतंत्रता से सीधे जुड़े मामलों में टालमटोल न हो- कोर्ट

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ी याचिकाएं सालों तक लंबित नहीं रखी जा सकती. लंबी देरी से न केवल आपराधिक प्रक्रिया संहिता के उद्देश्य पर असर पड़ता है, बल्कि यह न्याय से वंचित करने के बराबर है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 की भावना के खिलाफ है. कोर्ट ने कहा कि जमानत याचिका और अग्रिम जमानत याचिकाओं पर निर्णय जल्दी और मेरिट के आधार पर होना चाहिए. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अदालतों को ऐसे मामलों में टालमटोल से बचना चाहिए.

सभी अदालतों को स्पष्ट निर्देश जारी

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट में 2019 में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को 2025 में खारिज कर दिया. इन आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 463, 464, 465, 467, 468, 471 और 474 के तहत मामला दर्ज है. इनमें से दो आरोपियों ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जिसपर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी हाइकोर्ट्स और निचली अदालतों को यह आदेश दिया है.

ये भी पढ़े: सुप्रीम कोर्ट ने हाई सिक्योरिटी जोन में वीडियोग्राफी करने पर लगाया रोक

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital