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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नैयार नदी जल बंटवारा विवाद मामले में जल विवाद न्यायाधिकरण गठित करने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नैयार नदी जल विवाद मामले में केंद्र सरकार को एक महीने में जल विवाद न्यायाधिकरण गठित करने का आदेश दिया है.

Former Maharashtra minister and NCP leader Manikrao Kokate has received significant relief from the Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नैयार नदी जल बंटवारा विवाद मामले में अहम फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक महीने के भीतर जल विवाद न्यायाधिकरण गठित करने का आदेश दिया है. साथ ही जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इसके लिए एक महीने में अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है.

अदालत ने यह निर्देश तमिलनाडु सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है. जिसमें कर्नाटक द्वारा बनाए जा रहे चैक डैम या जल प्रवाह में बदलाव पर आपत्ति जताई है. इससे पहले कोर्ट ने दोनों राज्यों को बातचीत से समाधान की संभावना तलाशने के लिए एक समिति गठित करने को कहा था. सितंबर 2025 में अदालत को बताया था कि इस विवाद के समाधान के लिए अधिकरण का गठन जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने जल विवाद ट्रिब्यूनल गठन का आदेश दिया

मामले की सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ की ओर से बताया गया है दोनों राज्यों के बीच बातचीत के माध्यम स्व कोई समाधान नही निकल पाया है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के गठन का निर्देश दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ ने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि केंद्र सरकार को निर्देश देने से परहेज करने का कोई कारण नजर नही आ रहा है, अतः केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह एक माह की अवधि के भीतर इस विवाद के समाधान के लिएजल विवाद ट्रिब्यूनल गठित करें और एक माह के भीतर इसकी अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित करें. कन्नड़ में पेन्नैयार नदी को दक्षिणा पिनाकीनी कहा जाता है.

तमिलनाडु सरकार ने 2018 में कर्नाटक सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक केस दायर किया था. तमिलनाडू ने दावा किया है कि नदी के ऊपरी हिस्से के संबंध में कर्नाटक सरकार की ओर से लिए गए फैसलों से नदी के निचले हिस्से में स्थित तमिलनाडू में पानी के बहाव पर बुरा असर पड़ा हैं.

तमिलनाडु ने कर्नाटक के कोलार जिले में मार्कंडेय नही पर 5 टीएमसीएफटी जल संग्रहण परियोजना का विरोध किया है. यह परियोजना लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है और इसका उद्देश्य मालूर, बंगारपेट, कोलार और आसपास के 48 गांवों को जल आपूर्ति करना है.

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-भारत एक्सप्रेस



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