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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर दायर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण से जुड़ी आपत्तियों पर अंतिम निर्णय मध्य प्रदेश हाई कोर्ट करेगा.

Supreme Court Hate Speech Hearing

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर दायर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वीडियोग्राफी को लेकर संबंधित पक्षों द्वारा उठाए गई आपत्तियों पर अंतिम निर्णय मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ही करेगा.

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि उन्हें इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि हाई कोर्ट प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत वीडियोग्राफी का परीक्षण कर सभी आपत्तियों पर विचार करेगा. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इस स्तर पर हस्तक्षेप की जरूरत नही है. मामले की सुनवाई के दौरान मुश्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने कई अहम दलीलें पेश की.

उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 2 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई को टाल दिया और सर्वेक्षण से जुड़ी वीडियोग्राफी तथा रंगीन तस्वीरें मस्जिद कमेटी को उपलब्ध कराई जाए. हिंदू समुदाय भोजशाला को.देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि 11 वीं सदी का यह स्मारक कमाल मौला मस्जिद है.

धार का ऐतिहासिक स्थल बना विवाद का केंद्र

अदालत के आदेश पर हुए सर्वे में भी यहां मंदिर होने की पुष्टि हुई है. ऐसे में एएसआई का आदेश वैसे ही अपने आप में गलत है, लेकिन बसंत पंचमी का दिन तो मां सरस्वती की पूजा अर्चना का दिन है. उस दिन हवन, पूजा और महाआरती जैसे जरूरी धार्मिक कर्म संकल्प से पूर्णाहुति तक बिना किसी व्यवधान के होने चाहिए. ऐसे में उस दिन नमाज की इजाजत नहीं होनी चाहिए. धार में साल 2006, 2012 और 2016 में शुक्रवार को वसंत पंचमी आई तो विवाद की स्थिति बनी. वसंत पंचमी पर हिंदू पक्ष को पूजा जबकि शुक्रवार होने से मुस्लिमों को नमाज की अनुमति है.

ऐसे में वसंत पंचमी शुक्रवार को आने पर समझाइश के बाद पूजा और नमाज दोनों करवाए जाते है. शुक्रवार के दिन लगभग तीन हजार मुस्लिम नमाज अदा करते है.

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-भारत एक्सप्रेस



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