गुरुग्राम में हो रहे बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायण ने बुलडोजर की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की, जिसे सीजेआई सूर्यकांत ने खारिज कर दिया. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इससे प्रभावित है तो उसे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख करना चाहिए.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले में सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुरुग्राम में कई स्थानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें सामने आई हैं. यदि हाई कोर्ट इस मामले में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहा है, तो सुप्रीम कोर्ट उसमें दखल क्यों दें. कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले संबंधित हाई कोर्ट के समक्ष सभी तथ्यों और दस्तावेजो के साथ पक्ष रखा जाना चाहिए. सीजेआई ने कहा कि यदि हाई कोर्ट अपने संवैधानिक कर्तव्य के तहत अवैध निर्माण को रोकने या हटाने के लिए अभियान चला रहा है तो सुप्रीम कोर्ट होने के नाते हम इसमें बाधा क्यों डालें?
यथास्थिति बनाए रखने की याचिकाकर्ताओं की मांग
याचिककर्ताओ के वकील ने पीठ से 3 से 4 दिन तक यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया. इस दौरान याचिकाकर्ता हाई कोर्ट का रुख कर लेंगे. उन्होंने दलील दी कि हाई कोर्ट ने ध्वस्तीकरण को लेकर कोई साफ निर्देश नही दिया है. इससे पहले कि कोई गलत निर्माण बच जाए या निर्दोष लोगों को नुकसान पहुचे. हाई कोर्ट स्तर पर ही मामला सुलझाया जाए.
लंबे समय से पॉश कॉलोनियों में भी सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थी. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शहर की ट्रैफिक समस्या कम करने और सही प्लानिंग लागू करने के लिए जरूरी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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