Russian Wife Missing: सुप्रीम कोर्ट ने चार साल के बेटे के साथ गायब हुई रूसी पत्नी (Russian Wife) के मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि आशंका है कि वह बिहार, नेपाल, यूएई की उड़ान के जरिए रूस चली गई है. कोर्ट ने इस मामले में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. एएसजी भाटी ने कहा कि ईमेल आईपी एड्रेस के आधार पर कह रहे है. एएसजी ने कहा कि एयरलाइंस ने अभी तक हमें कोई जवाब नहीं दिया है.
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 1 अगस्त को मामले में अगली सुनवाई करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक 8 जुलाई को वो बिहार में थी, फिर नेपाल, यूएई और 16 जुलाई को रूस में थी. इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम पहले ही कह रहे थे कि वह भाग गई है.
कोर्ट का सवाल – महिला को पासपोर्ट कैसे मिला?
कोर्ट ने कहा कि महिला का पासपोर्ट कैसे जारी किए गए? क्या इससे यह नहीं पता चलता कि दूतावास के अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत है? एएसजी भाटी ने कहा कि हम उसे वापस लाने के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करेंगे. कोर्ट ने कहा कि यह हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है. कोर्ट ने कहा कि यह अवमानना का गंभीर मामला बनता है.
वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि बच्चे का भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर दिया गया था. इसपर अदालत ने कहा कि कुछ डुप्लीकेट पासपोर्ट जरूर बनाए गए होंगे. कोर्ट ने कहा कि यह देखना होगा कि वह पासपोर्ट जाली था या नकली, किसी ने मदद की है. कोर्ट ने कहा कि इसको देख कर लग रहा है कि भारतीय अधिकारी भी मिले हुए है.
याचिकाकर्ता सैकत बसु ने उठाया जासूसी का शक
यह याचिका बंगाल के हुगली जिले के चंदननगर के रहने वाले सैकत बसु ने दायर की है. बसु चीन में काम के दौरान रूसी लड़कीं विक्टोरिया जिगालिना से मुलाकात हुई थी. बाद में उन्होंने शादी कर ली. शादी के बाद विक्टोरिया के कहने पर सैकत 2019 में चीन से भारत लौट आया. वर्ष 2020 उन्हें एक पुत्र हुआ. चीन से भारत लौटने पर सैकत ने एक निजी कंपनी के लिए केंद्र सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विश्व बैंक परियोजना में सलाहकार के रूप में काम करना शुरू किया.
बाद में पता चला कि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी के पूर्व अधिकारी हैं, जिससे शक गहराया कि विक्टोरिया भी जासूसी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है न सैकत का आरोप है कि पत्नी (Russian Wife) फोर्ट विलियम जैसे सैन्य क्षेत्रों में जाने का दबाव डालती थी.
विरोध के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बेटे की कस्टडी की याचिका दायर की, लेकिन मामला लंबित रहते ही वह बेटे को लेकर लापता हो गयी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि बच्चे को 20 घंटे पिता के पास और चार घंटे मां के पास रखा जाए. लेकिन बाद में कोर्ट ने इस आदेश में संशोधन कर दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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