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चारा घोटाला मामला: लालू के खिलाफ CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में करेगा सुनवाई

लालू प्रसाद यादव की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी हलचल! सीबीआई ने चारा घोटाले के पांचों मामलों में लालू की जमानत रद्द करने की मांग की है. जहां सीबीआई इसे कानून का उल्लंघन बता रही है, वहीं कपिल सिब्बल ने इसे जल्दबाजी करार दिया.

Lalu Prasad Yadav
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने लालू की जमानत रद्द करने की मांग वाली सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में सुनवाई करेगा. सीबीआई ने चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत को रद्द करने की मांग की है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह आदेश दिया है.

सजा को निलंबित करना कानून का उल्लंघन

मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि यह कानून का सवाल है. इसे लागू किया जाना चाहिए, सजा को निलंबित करना कानून का उल्लंघन है. ऐसा नहीं किया जा सकता है. यह एक अवैध आदेश है.

वहीं, लालू प्रसाद यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा अन्य आरोपी भी है, उनमें से कुछ को नोटिस नहीं दिया गया है. कुछ ने जवाब दाखिल नही किया है. इस तरह की उत्तेजना की कोई जरूरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें लगता है कि आप दोनों परिणाम जानते है. आप अपना काम करें, हम अपना काम करें. हम अपील के निपटारे के लिए तारीख तय कर सकते है.

लालू के जमानत आदेश को चुनौती

कोर्ट ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि कानून का सवाल क्या है. आरोपी 60, 70 और 80 वर्ष की आयु के हैं. CBI के वकील ने कहा कि ये सभी आरोपी अवैध रूप से बाहर है. सीबीआई ने करोड़ों रुपये के चारा घोटाले (दुमका, चाईबासा, डोरंडा, देवघर कोषागार) से संबंधित चार मामलों में लालू प्रसाद को जमानत देने के झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.

हर मामले में लालू यादव दोषी

सीबीआई चाहती है कि लालू प्रसाद यादव की जमनात रद्द हो. लालू प्रसाद यादव पर चारा घोटाले से जुड़े 5 मामले हैं. पांचों मामलों में लालू यादव दोषी साबित हो चुके हैं. सीबीआई की याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए लालू यादव का कहना है, ” सजा निलंबित करने के हाई कोर्ट के आदेश को केवल इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि सीबीआई इस फैसले से असंतुष्ट है. हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हाई कोर्ट का फैसला सामान्य सिंद्धान्तों और समान नियमों पर आधारित है.

बता दें कि चारा घोटाले के तहत डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये से अधिक के गबन मामले में दोषी करार दिए गए लालू प्रसाद यादव को रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई थी. साथ ही 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. झारखंड हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल 2022 को डोरंडा कोषागार गबन मामले में लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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