सुप्रीम कोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई को टाल दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ने एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनकी जांच पूरी हो चुकी है. लेकिन शाह पर मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी सक्षम अधिकारी के पास लंबित है.
मंजूरी के संबंध में राज्य सरकार की सिफारिश पर गवर्नर के स्तर पर निर्णय का इंतजार है. मामले की सुनवाई के दौरान शाह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और आग्रह किया कि माफी पर विचार किया जाए. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जांच रिपोर्ट को अंततः सक्षम अधिकारी के समक्ष ही पेश किया जाना है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ था SIT का गठन
सीजेआई ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा गया है. हालांकि मंजूरी का मामला अभी भी सक्षम अधिकारी के पास विचाराधीन है. पिछली सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि अगर समय की कमी के कारण उन मामलों को छोड़ा गया है तो एसआईटी को उम्मीद है कि वो उन आरोपों की भी जांच पूरी करेगी. कोर्ट ने यह भी कहा था कि एसआईटी का गठन खुद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ था और पूरी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे है.
विजय शाह ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान शाह की ओर से पेश वकील ने कहा था कि मेरे बयान को गलत समझा गया. हमने इसके लिए माफी भी मांग ली है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप मंत्री है, संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सोच समझ कर बोलना चाहिए.
याचिकककर्ता के वकील ने यह भी कहा था कि हाई कोर्ट ने आदेश देने से पहले उनका पक्ष नही सुना. मंत्री विजय शाह के बयान के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके बाद इंदौर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ मानपुर थाने में बीएनएस की धारा 152, 196 (1) (ख), 197 (1) (ग) के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है.
हालांकि विजय शाह ने माफी मांगते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया है. शाह ने लिखा है कि मैं विजय शाह हाल ही में मेरे दिए गए बयान से, जो हर समाज की भावनाएं आहत हुई है, उसके लिए मैं दिल से न केवल शर्मिंदा हूं. दुःखी हूं, बल्कि माफी चाहता हूं. हमारे देश की बहन सोफिया कुरैशी ने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर काम किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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