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बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को शादी करने की मिली इजाजत

सुप्रीम कोर्ट से साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने विकास यादव की मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है.

Nitish Katara Murder Case
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट से साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने विकास यादव की मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है.

वही मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह ने खुद को इस केस से अलग कर लिया है. लेकिन पीठ में शामिल जस्टिस एम एम सुंदरेश ने मामले को दूसरी बेंच में सूचीबद्ध करने को कहा.

एक सप्ताह के लिए बढ़ी अंतरिम जमानत

साथ ही कोर्ट ने विकास यादव की सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है. अब विकास यादव 5 सितंबर को शादी कर सकेंगे.

हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने याचिका का विरोध किया. उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि विकास यादव की जुलाई में शादी हो चुकी है, इसपर विकास यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि जुलाई में उनकी सगाई हुई थी.

23 साल जेल में बिता चुका विकास

54 वर्षीय विकास यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि उसकी शादी 5 सितंबर को तय है. उन्होंने यह भी कहा है कि वह 23 साल जेल में बिता चुका है. उसे जब सजा सुनाई गई थी उस समय उस पर 54 लाख रुपए का जुर्माना लगा था. जिसका इंतजाम करना है. पिछले दिनों कोर्ट ने विकास यादव को बीमार माँ की देखभाल करने के लिए कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दिया था.

साथ ही कोर्ट ने नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और अजय कटारा को उत्तराखंड सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर नीलम कटारा और अजय कटारा दिल्ली आते है तो, दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी.

घर आने पर मिल सकते है मां से

कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि एम्स में भर्ती रहने के दौरान विकास यादव अपनी मां से नही मिल सकते है. घर आने के बाद ही वो मिल सकते है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.

ये भी पढ़ें: बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को मिली राहत बरकरार

-भारत एक्सप्रेस



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