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एकता और अखंडता का संदेश दे रहा Maha Kumbh, इसी संदेश के साथ हम सभी जुड़ रहेः CM Yogi

सीएम योगी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन जिसके लिए प्रयागराज जाना जाता है, पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है.  महाकुम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी ने जो विजन दिया है उसको स्थानीय स्तर पर लागू करने के लिए सभी लोग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं.

CM Yogi

Maha Kumbh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रविवार को प्रयागराज दौरे पर मौनी अमावस्या से पूर्व तैयारियों की समीक्षा की. समीक्षा के बाद पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुम्भ आ रहे हैं. तमाम विदेशी श्रद्धालु भी संगम में स्नान कर अभिभूत नजर आ रहे थे. यूरोप से जुड़े कुछ पर्यटक मिलने आए थे और प्रयागराज की महिमा का जिस भाव से गान कर रहे थे, वह अभिभूत करने वाला था. वो हिंदी नहीं जानते, संस्कृत नहीं जानते, लेकिन हिंदी की चौपाई, संस्कृत के मंत्रों, अवधी की चौपाइयों को और सनातन धर्म से जुड़े स्त्रोत और मंत्रों को सस्वर गा रहे थे.

मां गंगा और यहां के धामों के प्रति एक श्रद्धा का भाव उनमें देखने को मिल रहा था. यही तो प्रधानमंत्री जी का संदेश है. महाकुम्भ का एक ही संदेश, एकता से ही अखंड रहेगा यह देश. एकता और अखंडता के संदेश के साथ हम सभी जुड़ रहे हैं.

एक करोड़ लोग महाकुंभ में मौजूद

सीएम योगी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाकुंभ (Kumbh 2025) का आयोजन जिसके लिए प्रयागराज जाना जाता है, पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है.  महाकुम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी ने जो विजन दिया है उसको स्थानीय स्तर पर लागू करने के लिए सभी लोग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं. इसके लिए आप सभी को धन्यवाद दूंगा कि प्रयागराज की छवि को एक सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का कार्य किया है. पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के मुख्य स्नान संपन्न हो चुके हैं और अब मौनी अमावस्या 29 जनवरी और बसंत पंचमी 3 फरवरी को दो बड़े महास्नान होने हैं जो इस महाकुम्भ की शोभा भी हैं.

7 हजार से अधिक संस्थाएं अब तक यहां पर आ चुकी हैं. आज पूरे महाकुम्भ एरिया का एरियल सर्वे किया है. प्रात काल से संगम तट पर स्नान करने वालों और यहां रहने वाले कल्पवासियों के साथ ही अन्य संस्थाओं से जुड़े हुए लोगों की पूरी संख्या को यदि देखेंगे तो लगभग एक करोड़ से अधिक लोग यहां मौजूद हैं.

इतनी बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से यहां पर केंद्र और राज्य के सभी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं. भव्य, दिव्य और डिजिटल कुम्भ की परिकल्पना को साकार करने के साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देते हुए आधुनिकता के साथ जोड़ने का कार्य हो रहा है.

सकुशल संपन्न होंगे दोनों महास्नान

सीएम योगी ने कहा कि इन्हीं सब मुद्दों को देखने के लिए बीच में यहां पर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को यहां भेजा था. आज एक बार फिर हमने यह जानने की कोशिश की कि हम कितना कुछ आगे बढ़े हैं. 29 जनवरी और 3 फरवरी के महास्नान को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था का अवलोकन किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि भगवान प्रयागराज और मां गंगा की कृपा से हम लोग यहां पर इन दोनों स्नानों को सकुशल संपन्न करने में सफल होंगे. उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और गृहमंत्री जी का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है.

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी इस समय महाकुम्भ के आयोजन से जुड़े हुए हैं. तमाम राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रीगण लगातार यहां आ रहे है. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़े हुए न्यायमूर्ति और विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए जनप्रतिनिधिगण भी लगातार यहां आकर स्नान कर रहे हैं. लाखों की संख्या में संतों, कल्पवासियों की उपस्थिति वर्तमान में प्रयागराज में है. अनेक धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं. चाहे देशी हो या विदेशी, सभी संगम में स्नान कर अभिभूत हो रहे हैं.

सीएम ने कहा कि मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा के दिन हमें यह सौभाग्य नहीं मिल सका कि हम भी यहां स्नान कर सकें, क्योंकि हम लोगों ने खुद को प्रतिबंधित कर रखा था. केवल संतों और श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा थी. जो भी यहां आया, उन्होंने आपके माध्यम से जो भी बातें कहीं और खासतौर पर संतों और श्रद्धालुओं की भावना को हम सभी ने जाना.


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-भारत एक्सप्रेस



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