Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

सियासी किस्से

आजादी के बाद और 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनाव से पूर्व देश में पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर केंद्रीय कानून मंत्री थे.

1 जनवरी 2017 को अखिलेश यादव ने अपने चाचा रामगोपाल यादव के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था और प्रस्ताव पारित कर खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया था.

आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रता और अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था. इसी दौरान इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी ने नसबंदी का एक विवादास्पद अभियान चला रखा था. उसी दौरान यह नारा काफी चर्चित हुआ था.

इंदिरा गांधी 1977 के आम चुनावों में हार चुकी थीं और सत्ता में दोबारा वापसी के लिए तमाम गुणा-गणित लगा रही थीं. इन सबके बीच तत्कालीन जनता पार्टी की सरकार में उप-प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम का दावा भी प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत माना जा रहा था.

फिल्म ‘किस्सा कुसी का’ का निर्देशन अमृत नाहटा ने किया था. यह एक राजनीतिक व्यंग्य थी. फिल्म में शबाना आजमी, उत्पल दत्त, रेहाना सुल्तान, सुरेखा सीकरी और राज किरण प्रमुख भूमिकाओं में थे.

भाजपा सांसद मेनका गांधी कभी कॉलेज में होने वाले ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. महज 17 साल की उम्र में उन्होंने पहला विज्ञापन किया था. एक शादी पार्टी में उनकी संजय गांधी से मुलाकात हुई थी.

आज भले ही BJP और RLD के गठबंधन को लेकर राजनीति में तरह-तरह की बातें होती हों, लेकिन ये रिश्ता नया नहीं है. दूसरा, इसे एक बड़ा संयोग ही माना जाएगा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न भी उस समय दिया गया है, जब केंद्र में भाजपा की सरकार है.

राजीव गांधी की रणनीति के हिसाब से ही आखिरी वक्त तक किसी को इस बात की जरा भी जानकारी नहीं थी कि कांग्रेस ने अमिताभ को चुनावी मैदान में उतारा है.

राजीव गांधी ने अमिताभ को 1984 के आम चुनाव में पूरी रणनीति के साथ इलाहाबाद सीट से उतारा और अमिताभ की लोकप्रियता के बीच हेमवती नन्दन बहुगुणा को हार का मुंह देखना पड़ गया था.

वह साल 1984 था, जब देश की सियासत में भूचाल आ गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री गांधी (Indira Gandhi) की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी ने कांग्रेस पार्टी के साथ ही देश की कमान अपने हाथ में थामी थी.


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital