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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची सुधार नहीं, बल्कि देश की मूल संरचना को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने जनता और सभी दलों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करें।

उत्तर प्रदेश में चुनावी कामकाज के दौरान बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ और तनाव ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। कई बीएलओ भारी दबाव के कारण जान गंवा रहे हैं या नौकरी छोड़ने पर मजबूर हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार और चुनाव आयोग पर अव्यवहारिक एसआईआर लक्ष्यों को थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह काम अब मानसिक प्रताड़ना बन चुका है। अखिलेश ने मृतक बीएलओ के परिवारों को पार्टी फंड से 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा भी की है। सवाल यह है—क्या सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान देगी?

बिहार के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शपथ लेने पर शुभकामनाओं और बधाइयों का सिलसिला जारी है. तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने उन्हें बधाई दी.

बिहार चुनाव के परिणाम (Bihar Election Result) आने के साथ ही पूरे देश में इस जनादेश पर चर्चा होने लगी है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को जमकर सुना दिया है.

Akhilesh Yadav Attacks BJP: अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं लूटतंत्र में विश्वास करते हैं. इन्होंने आजादी के पहले से लेकर आज तक सदैव पिछले दरवाज़ेवाली, ख़ुफ़ियाखोरी का काम किया है.

उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल तब मच गई जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे अरसे बाद आमने-सामने मिले। लखनऊ में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सपा परिवार में दोबारा एकजुटता का संकेत मानी जा रही है। आज़म खान ने धर्म के नाम पर डर फैलाने की राजनीति की आलोचना की और कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे “मजबूत हिस्सेदार” बनेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मेल-मिलाप सपा के लिए आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।

बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को पूरा हो चुका है और अब 11 नवंबर के दूसरे चरण के मतदान की तैयारी शुरू हो चुकी है. लेकिन सोशल मीडिया पर चुनाव से संबंधित वीडियोज का वायरल होना थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार उत्तर प्रदेश का सियासी असर साफ दिख रहा है. योगी आदित्यनाथ अपने बुलडोजर और विकास मॉडल के जरिए मतदाताओं को लुभा रहे हैं, जबकि अखिलेश यादव ने बीजेपी पर नाम बदलने की राजनीति का आरोप लगाया है. यूपी मॉडल अब बिहार के मंचों पर चुनावी हथियार बन चुका है.

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने रामपुर में सीनियर नेता आजम खान से मुलाकात की और इसे पूरी तरह पारिवारिक बताया. उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक भेंट नहीं थी, बल्कि उनकी तबीयत जानने के लिए मुलाकात की गई.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन किया