ब्रजधाम में रंगोत्सव की धूम: वृंदावन-बरसाना में तैयार हो रहे प्राकृतिक रंग, कश्मीरी केसर-कन्नौजिया इत्र और टेसू के फूलों से खेलेंगे होली
Braj ki Holi: ब्रज में होली की तैयारियां जोरों पर हैं! बांके बिहारी जी के मंदिर में लाखों लोग कश्मीरी केसर, कन्नौजिया इत्र और टेसू से बनाए गए रंग से होली खेलेंगे. बरसाना में भी टेसू के फूलों से रंग बन रहा है.
बरसाना में बदली दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं को चलना होगा 5 किमी पैदल; ‘वन-वे’ हुआ रूट
ब्रज में बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठामार होली के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार कठिन पैदल यात्रा का सामना करना पड़ सकता है.
Braj Ki Holi 2026: लठामार होली के लिए यूं तैयार हो रहा बरसाना, 25 फरवरी को हुरियारों पर बरसेगी लाठियां और रंग
Braj Ki Holi 2026: बरसाना में लठमार होली की तैयारियां जोरों पर हैं, हुरियारनें अपनी-अपनी लाठियां तेल से मजबूत करने में लगी हैं. साथ ही लहंगा-चुनरी संवारी जा रही हैं. 25 फरवरी को पुरुषों पर बरसाई जाएंगी लाठियां.
चले आइए श्री राधा-कृष्ण के ब्रज में होली खेलने… 24 फरवरी से 5 मार्च तक होलिकोत्सव का आनंद लेंगे लाखों लोग
ब्रजभूमि (वृंदावन-बरसाना) की वर्ल्ड फेमस होली में इस बार दुनियाभर से 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के जुटने की संभावना है. लड्डूमार होली से 24 फरवरी को होलिकोत्सव का शुभारंभ होगा. आगामी 10 दिनों में यहां किस तरह से आयोजन होंगे..आइए देख लीजिए..
Braj Ki Holi 2026: दूर-दूर से ब्रज में पहुंच रहे होली के प्रेमी, प्रशासन ड्रोन से रखेगा नजर, हुरियारों के भेष में ड्यूटी करेंगे सुरक्षाकर्मी
Braj Ki Holi 2026: ब्रज की होली में इस बार सुरक्षा को और कड़ा किया गया है. बरसाना की लठामार होली और मथुरा-वृंदावन की लड्डू होली का आनंद लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लठामार होली की तैयारियां हुई तेज; नंदगांव की ढालों को पिलाया जा रहा तेल, बरसाना में लठामार होली पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
ब्रज में होली की आहट के साथ नंदगांव के हुरियारे (होली खेलने वाले पुरुष) बरसाना की हुरियारिनों की लाठियों का सामना करने की तैयारी में जुट गए हैं. नंदबाबा मंदिर के सेवायतों के अनुसार मजबूत ढालें तैयार की जा रही हैं, जिनके लिए राजस्थान से खास लकड़ी और मोटा चमड़ा मंगवाया गया है.
श्री राधा-कृष्ण ने कितने वर्ष की आयु तक रचाया था रास? कहां हुआ था दोनों का पहला मिलन?
Radha Krishna Love: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधा और श्रीकृष्ण का पहला मिलन बरसाना और नंदगांव के बीच स्थित पवित्र स्थल संकेत तीर्थ पर हुआ था.
Radhashtami: बरसाना के पत्थरों से आज भी आती है दूध-दही की महक, यहां गोपियों की मटकियां फोड़कर मक्खन खाते थे कन्हैया
Radhashtami 2025: राधाष्टमी पर बरसाना में लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे. यहां एक जगह दो पहाडि़यों के बीच की गली के पत्थरों से दूध-दही की महक आती है, जहां 5 हजार साल पहले श्रीकृष्ण ने गोपियों की मटकियां फोड़ी थीं. आज भी यहां श्री राधा के पदचिन्ह दिखते हैं.
Braj में Holi का उत्सव, Barsana और Nandgaon में Lathmar Holi | Mathura | Braj Holi| Bharat Express
ब्रज के बरसाना गाँव में होली अलग तरह से खेली जाती है जिसे लट्ठमार होली कहते हैं. ब्रज में वैसे भी होली ख़ास मस्ती भरी होती है क्योंकि इसे कृष्ण और राधा के प्रेम से जोड़ कर देखा जाता है.
Barsana Holi: आज से बरसाना में शुरू हुआ रंगोत्सव, अभी से जुटने लगी है मस्तों की टोली, पहले लड्डू फिर कल होगी लट्ठमार होली
Barsana Holi: आज रंगोत्सव से शुरु हुए कार्यक्रम और कल लट्ठमार होली को देखते हुए बरसाना श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.





