इस साल होली पर चंद्रग्रहण का साया पड़ रहा है, जिसकी वजह से ब्रज के मशहूर मंदिरों, खासकर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के समय में बड़ा उलटफेर हुआ है. आमतौर पर हम पूर्णिमा को होली मनाते हैं, लेकिन ग्रहण की वजह से इस बार परंपराओं और समय में कुछ बदलाव किए गए हैं.
ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी के मुताबिक, 3 मार्च (पूर्णिमा) को दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा. अब नियम यह है कि ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है. इस बार सूतक सुबह 6:20 बजे से ही शुरू हो जाएगा. हिंदू मान्यताओं में सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहते हैं और भगवान की पूजा-सेवा नहीं की जाती.
इसी वजह से इस साल होलिका दहन पूर्णिमा को न होकर एक दिन पहले, यानी 2 मार्च की रात को ही संपन्न कर लिया जाएगा.
दर्शन के लिए बदल गई टाइमिंग
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ग्रहण के चलते 3 मार्च को मंदिर के पट सुबह से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे. अगर आप दर्शन करना चाहते हैं, तो समय का खास ख्याल रखें. सुबह 9:05 बजे से पहले ही पूजा और आरती संपन्न कर ली जाएगी. शाम 7 बजे के बाद, जब ग्रहण खत्म होगा और मंदिर की शुद्धि (धुलाई) हो जाएगी, तभी भक्त दोबारा दर्शन कर पाएंगे.
राधादामोदर और राधारमण मंदिर का क्या है हाल?
वृंदावन के अन्य प्राचीन मंदिरों में भी शेड्यूल पूरी तरह बदला हुआ है. ठाकुर राधादामोदर मंदिर में सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि सुबह 4 बजे मंगला आरती होगी, जिसके बाद धूप और शृंगार आरती निपटा ली जाएगी. सुबह 9 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे. शाम 7 बजे पट खुलने पर ‘गौर पूर्णिमा’ के खास मौके पर ठाकुरजी का अभिषेक और संध्या आरती होगी.
ठाकुर राधारमण मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी के अनुसार, मंदिर के पट सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक (करीब 13 घंटे) बंद रहेंगे. सारी नियमित सेवा और आरती या तो सुबह 6 बजे से पहले होगी या फिर शाम को मंदिर की धुलाई और शुद्धिकरण के बाद.
अगर आप दूर से मथुरा-वृंदावन आ रहे हैं, तो दोपहर के समय मंदिर जाने का प्लान ना बनाएं, क्योंकि ज्यादातर मंदिरों के पट बंद मिलेंगे. इस बार धुलेंडी और डोलोत्सव की रौनक भी ग्रहण के नियमों के दायरे में ही देखने को मिलेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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