Bharat Express DD Free Dish

Indian History

फोटोग्राफी को दुनिया भर में आम लोगों तक पहुंचाने वाले और 'कोडक' साम्राज्य के संस्थापक जॉर्ज ईस्टमैन की 12 जुलाई को जयंती है. उन्होंने भारी-भरकम कैमरों की जगह रील और रोल फिल्म की तकनीक विकसित कर फोटोग्राफी को 'बटन दबाने जितना आसान' बना दिया.

30 जून को देश भर में 'सन्ताल हूल दिवस' मनाया जा रहा है, जो 1855 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद और जमींदारी शोषण के खिलाफ आदिवासियों के पहले संगठित विद्रोह की याद दिलाता है.

27 जून 1967 को लंदन में बार्कलेज बैंक के बाहर दुनिया का पहला एटीएम शुरू हुआ था, जिसके आविष्कारक शिलांग (भारत) में जन्मे जॉन शेपर्ड-बारन थे. बैंक बंद होने के बाद पैसे न मिल पाने की वजह से उन्हें वेंडिंग मशीन की तर्ज पर कैश निकालने वाली मशीन बनाने का विचार आया था.

Ram Manohar Lohia: 18 जून 1946 को राम मनोहर लोहिया ने गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी. उनकी गिरफ्तारी के बाद गोवा में जनआंदोलन तेज हुआ, जिसने अंततः 1961 में गोवा मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया.

Birsa Munda's Death Anniversary: जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला देने वाले महान क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की आज पुण्यतिथि है. 9 जून 1900 को रांची की जेल में मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने अंतिम सांस ली थी, लेकिन उनका 'उलगुलान' आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा है.

New Book on India: भारत के खिलाफ चल रहे नैरेटिव वॉरफेयर, इतिहास के विकृतीकरण, जनसांख्यिकीय चुनौतियों और हाइब्रिड युद्ध की पड़ताल करती है यह पुस्तक.

Indian Science History: भारतीय वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बोस ने 20वीं सदी की शुरुआत में अपनी अद्वितीय खोज से पश्चिमी जगत को हैरान कर दिया, यह साबित करते हुए कि पौधे केवल निर्जीव वस्तुएं नहीं बल्कि संवेदनशील जीव हैं.

महाराणा प्रताप की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 'स्वाभिमान का अमर प्रतीक' बताया. पीएम ने उनके अदम्य साहस और मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया.

गृह मंत्री अमित शाह ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. शाह ने मेवाड़ के इस महान योद्धा को स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कैसे अडिग रहा जाता है.

Ambedkar Jayanti 2026: राजनीतिक और शैक्षणिक ऊंचाइयों को छूने के बाद, अंतिम भाग बाबा साहेब अंबेडकर के आध्यात्मिक और संवैधानिक योगदान पर केंद्रित है. यह कहानी है उस 'मसीहा' की जिसने छुआछूत के विरुद्ध महाड़ सत्याग्रह किया और अंततः नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाकर लाखों लोगों को नई पहचान दी. जानें क्यों भीमराव 'बाबासाहेब' बने और कैसे उनका विजन आज भी आधुनिक भारत की दिशा तय कर रहा है.