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Iran

अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है और इससे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो सकता है, जो कि इस महीने पहले ही 20 प्रतिशत के करीब बढ़ चुकी हैं.

US Attacks Iran: अमेरिका ने ईरान पर 30 टॉमहॉक मिसाइलें दागी, जिससे कई परमाणु ठिकाने तबाह हो गए। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।

ईरान ने अमेरिकी-इजरायली हमलों को NPT का उल्लंघन बताया है और UNSC की आपात बैठक की मांग की है. आज सुबह ही अमेरिका ने ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया था.

ईरान ने अभी-अभी 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-3' के तहत इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. कई इजरायली शहरों में विस्फोट हुए. जानिए कैसे अमेरिका-ईरान संघर्ष से मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ा...

अमेरिका ने B-2 बमवर्षक और टॉमहॉक मिसाइलों से ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला कर भारी तबाही मचाई. ईरानी सेना देखती रह गई. अमेरिका ने दो टूक कहा है— ईरान अब शांत रहे वरना विनाश होगा...

ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस युद्ध में एंट्री कर ली है! जी हां, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, और इसकी पुष्टि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है! देखिए वीडियो...

अमेरिका ने B-2 बमवर्षक और टॉमहॉक मिसाइलों से ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला कर भारी तबाही मचाई. ईरानी सेना देखती रह गई. अमेरिका ने दो टूक कहा है- ईरान अब शांत रहे वरना विनाश होगा…

America Air Strikes In Iran: ईरान-इजरायल के युद्ध में अब अमेरिका भी खुलकर शामिल हो गया है. आज सुबह ही ईरान में बमबारी करके ट्रंप ने कहा, ‘हम वहां परमाणु ठिकाने पर हमले सफल रहे, अब ईरान शांत रहे वर्ना...;

अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज, इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला किया है. ट्रम्प ने खुद इसकी पुष्टि की है. ईरान पर हमला सुबह 4:30 बजे हुआ. ट्रम्प जल्द अपने देश को संबोधित करेंगे.

ईरान के सुप्रीम कमांडर खुमैनी या खामेनेई का उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से रिश्ता है. उनके पूर्वज भारत के उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से थे. कहा जाता है कि जब वह ईरान में बस गए तो उन्होंने अपने नाम के साथ ‘हिंदी’ उपनाम जोड़ लिया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उनकी जड़ें भारत से हैं. वहां के लोग उन्हें “सैयद अहमद मूसवी हिंदी” के नाम से जानने लगे.