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Manipur Violence

मणिपुर में हिंसक घटनाओं के बीच कई संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. कल शाम को सैकड़ों महिला-पुरुष सड़कों पर उतर आए और मणिपुर सरकार के मंत्रियों-विधायकों के घरों की घेराबंदी की. वे CM के घर तक पहुंच गए.

मणिपुर राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिरीबाम में तीन लाशें मिलने के बाद लोग सड़कों पर उतरे. सरकार के दो मंत्रियों और तीन विधायकों के घरों की घेराबंदी की.

मणिपुर को 1980 से ही AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ का दर्जा प्राप्त है और इसे 2004 में 32 वर्षीय थांगजाम मनोरमा की हत्या के बाद हुए कड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद इंफाल के कुछ हिस्सों से वापस ले लिया गया था.

अफवाहों पर रोक लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिरीबाम जिले में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है.

मणिपुर के मुख्यमंत्री का एक ऑडियो टेप सामने आया है, जिसमें वह यह दावा करते हुए सुने जा सकते हैं कि उन्होंने ही राज्य में हिंसा भड़काई, हथियारों को लूटने दिया और हिंसा में शामिल लोगों को संरक्षण दिया.

Manipur Violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बुधवार को एक बयान में कहा कि राज्य में हिंसा प्रभावित लोगों के लिए 7,660 घर बनाए जाएंगे. 

मणिपुर में हिंसा की खबरें फिर से आने लगी हैं. हाल ही में वहां मैतेई समुदाय के एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी. उसके बाद जिरीबाम जिले में कुकी समुदाय के चार लोगों को मार दिया गया.

भागवत ने मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहां सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है और स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं.

Manipur Violence: संदिग्ध उग्रवादियों इंफाल पश्चिम जिले के अंतर्गत कोत्रुक और पड़ोसी कडांगबंद के निचले घाटी इलाकों में बम भी फेंके. इस गोलीबारी में 31 वर्षीय महिला और एक ग्रामीण की मौत हो गई.

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार मणिपुर के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.