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somnath temple

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' और 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस यात्रा की झलकियां साझा करते हुए कहा कि सोमनाथ अनगिनत बलिदानों और पराक्रम की याद दिलाता है और यह आस्था, धैर्य और सभ्यता का प्रतीक है.

पीएम मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को नई ऊर्जा दे दी. वैदिक मंत्रों के बीच हुई पूजा-अर्चना ने पूरे मंदिर परिसर को भक्ति से भर दिया. यह दौरा सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि प्रतीकात्मक भी है.

Somnath Swabhiman Parv: पीएम मोदी रविवार को सोमनाथ मंदिर में आयोजित स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए. उन्होंने 108 अश्वों के साथ निकाली गई शौर्य यात्रा में भाग लिया और वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद मंदिर में पूजा-अर्चना कर जनसभा को संबोधित किया.

सोमनाथ में पीएम मोदी ने 108 घोड़ों की शौर्य यात्रा में लिया भाग. जानें राजकोट में होने वाली 14 स्मार्ट एस्टेट्स की घोषणा और अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 के उद्घाटन की पूरी जानकारी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और 1000 वर्ष पुराने इतिहास को नमन करते हुए 'शौर्य यात्रा' की कमान संभाली. पीएम ने ड्रोन शो और ओंकार मंत्रोच्चार के वीडियो शेयर कर इसे 'शाश्वत दिव्यता का प्रतीक' बताया.

गुजरात के प्रभास पाटन में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद होगा.

Swabhiman Parv: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर (Somnath mandir) पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाने की घोषणा की. यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक चलेगा.

वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए ऐतिहासिक वर्ष साबित होगा, क्योंकि इस पवित्र तीर्थ पर महमूद गजनी के प्रथम आक्रमण को 1,000 वर्ष पूरे हो रहे हैं.

अंबानी परिवार ने नए साल की शुरुआत सोमनाथ मंदिर में जलाभिषेक से की. रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी पत्नी और बेटे के साथ दर्शन करने गए.

कुंडली में चंद्र दोष से पीड़ित जातकों को सोमनाथ, चंद्रेश्वर, चंद्रमौलेश्वर, कैलासंथर और चंद्रोदय मंदिरों में दर्शन करने चाहिए. इससे मानसिक शांति मिलती है और चंद्रमा के अशुभ प्रभाव कम होते हैं.